उत्तराखंड - उत्तराखंड के खटीमा में जमीन के नीचे 100 किलो से ज्यादा सोना दबा होने का लालच देकर कथित ठगी और जमीन हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित को सोना मिलने का भरोसा दिलाकर पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपये खर्च कराए गए। इसके बाद कथित तौर पर धमकी देकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
पीड़ित के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने छह नामजद समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।
पूजा-पाठ के नाम पर 20 लाख रुपये खर्च कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उसकी जमीन के नीचे 100 किलो से अधिक सोना दबा हुआ है। इस कथित खजाने को हासिल करने का लालच देकर उसे पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक प्रक्रियाओं के नाम पर रकम खर्च करने के लिए तैयार किया गया।
आरोप है कि इस दौरान पीड़ित से 20 लाख रुपये से अधिक खर्च कराए गए। इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये नकद लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित को कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया था कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन के नीचे दबा सोना मिल सकता है। हालांकि, जमीन के नीचे सोना होने के दावे और पैसों के लेन-देन से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दरोगा बनकर धमकाने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिस का दरोगा बताने वाले व्यक्ति का इस्तेमाल कर पीड़ित पर दबाव बनाया। आरोप है कि दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। यदि जांच में ये आरोप साबित होते हैं, तो मामला केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धमकी और जमीन के दस्तावेजों के जरिए कथित दबाव बनाने जैसे पहलू भी जांच के दायरे में आएंगे।
नौ लोगों के खिलाफ केस, चार आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित के बेटे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने छह नामजद सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में किसकी क्या भूमिका थी, पीड़ित से ली गई रकम कहां गई और जमीन के दस्तावेज किस परिस्थिति में तैयार या हस्ताक्षरित कराए गए। मामले में आरोपियों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
जमीन के दस्तावेजों में यूथ कांग्रेस नेता का नाम भी चर्चा में
जमीन की खरीद-फरोख्त से संबंधित कुछ दस्तावेजों में यूथ कांग्रेस के एक नेता का नाम और फोटो होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, किसी दस्तावेज में नाम या तस्वीर दर्ज होना अपने आप में आपराधिक संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। संबंधित व्यक्ति की भूमिका के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है।
फिलहाल, खटीमा का यह मामला कथित ठगी, धमकी और जमीन हड़पने की साजिश के आरोपों को लेकर चर्चा में है। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोने के लालच से शुरू हुआ यह मामला किस तरह आगे बढ़ा और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।