पनामा: मध्य अमेरिकी देश पनामा में भूकंप के झटकों का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह यहां 6.1 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भारतीय समयानुसार सुबह 4 बजकर 50 मिनट 37 सेकंड पर आए इस भूकंप की गहराई जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे थी। इससे पहले देश में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद 147 झटके दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पिछले भूकंप से कई इलाकों में घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और सड़कों को नुकसान पहुंचा था।
7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद लगातार आ रहे झटके
पनामा में 9 अक्टूबर को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसका केंद्र लॉस सैंटोस प्रांत में टोनोसी से करीब 39 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया गया था। इसके बाद क्षेत्र में लगातार आफ्टरशॉक्स यानी भूकंप के बाद आने वाले झटके दर्ज किए गए। मुख्य भूकंप के बाद 147 झटके दर्ज किए गए। इनमें कुछ की तीव्रता 6.1 और 6.6 तक पहुंच गई थी।
भूकंप से घरों, स्कूलों और सड़कों को नुकसान
शक्तिशाली भूकंप के कारण पनामा के कई हिस्सों में इमारतों और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और सरकारी भवनों पर असर पड़ा। कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।भूकंप के बाद करीब 900 घरों को नुकसान पहुंचने और कम से कम 27 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
मेट्रो और हवाई सेवाएं भी हुई थीं प्रभावित
भूकंप के बाद एहतियात के तौर पर पनामा की दो मेट्रो लाइनों पर सेवाएं रोक दी गई थीं। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित हुआ था। हालांकि, बाद में हवाई सेवाएं फिर शुरू कर दी गईं।भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली और परिवहन से जुड़ी सुविधाओं पर भी असर पड़ा। वहीं, पनामा नहर पर जहाजों का परिचालन जारी रहने की जानकारी दी गई थी।
लगातार झटकों के बीच सतर्क रहने की जरूरत
पनामा में 7.7 तीव्रता के मुख्य भूकंप के बाद 6.1 तीव्रता का नया झटका आने से क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां फिर चर्चा में हैं। बड़े भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स आना सामान्य भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है, लेकिन उनकी तीव्रता और समय का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं होता।प्रभावित इलाकों में लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और आपातकालीन चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।