लखनऊ: उत्तरप्रदेश में बारिश और बाढ़ से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार 12वें दिन बढ़ने की खबर है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि फैजुल्लागंज की गलियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, 3 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रभावित है और 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी भरने की बात सामने आई है। उधर, गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है और कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से मकानों और मंदिरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
लखनऊ में बाढ़ का संकट, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के कुछ वीआईपी इलाकों की सड़कें भी पानी में डूबने की खबर है।फैजुल्लागंज में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। यहां कई गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कुछ स्थानों पर सड़कों पर नावों के सहारे आवाजाही किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में घर प्रभावित हुए हैं। वहीं, गोमती रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन के सामने जलभराव से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती है।
गोंडा में घाघरा नदी उफान पर, 8 गांवों में घुसा पानी
गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, आठ गांवों में पानी घुस गया है और 7 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए आवागमन, सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे हालात में स्थानीय प्रशासन की राहत और बचाव गतिविधियां महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान, मकानों को नुकसान
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से नुकसान की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, नदी में अब तक 13 घर और चार मंदिर समा चुके हैं।नदी के किनारे बसे इलाकों में कटान से लोगों की संपत्ति और आवास को खतरा बना हुआ है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखना और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना जरूरी है।
यूपी के 30 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तरप्रदेश में बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मेरठ और बरेली समेत आठ शहरों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की जानकारी मिली है।लगातार बारिश होने से नदियों के जलस्तर, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
उत्तरप्रदेश के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसी वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश होने पर हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह
लखनऊ, गोंडा और लखीमपुर खीरी में बाढ़ तथा नदी कटान से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को तेज बहाव वाले पानी में उतरने, नदी के किनारों के पास जाने और जलमग्न सड़कों से गुजरने से बचना चाहिए।प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाना महत्वपूर्ण है। बारिश और बाढ़ की स्थिति में बदलाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।