देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के सभी 13 जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, 3,500 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत 9 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।इससे पहले शुक्रवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। लगातार बदलते मौसम के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और यात्रियों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होने की भी संभावना है।3,500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आ सकती है। वहीं, मैदानी और निचले इलाकों में बारिश के कारण जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
9 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम केंद्र देहरादून ने प्रदेश के 9 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
अलर्ट वाले जिले:
देहरादून
टिहरी
चमोली
रुद्रप्रयाग
उत्तरकाशी
नैनीताल
चंपावत
बागेश्वर
पिथौरागढ़
इन जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुमाऊं मंडल में बारिश की गतिविधियां जारी रहने, जबकि गढ़वाल मंडल में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
पोखरी में सबसे ज्यादा 56.5 मिमी बारिश
शुक्रवार को उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। चमोली जिले के पोखरी में सबसे ज्यादा 56.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
प्रमुख स्थानों पर दर्ज बारिश के आंकड़े
पोखरी (चमोली): 56.5 मिमी
रुद्रप्रयाग: 40 मिमी
कोटद्वार: 36 मिमी
हरिद्वार: 35 मिमी
कई क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ों में भूस्खलन, निचले इलाकों में जलभराव का खतरा
लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की आशंका है। इससे पर्वतीय मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं, निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को निकलने से पहले सड़क और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
मौसम विभाग की लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सतर्क रहना चाहिए। वहीं, पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।