लोहाघाट प्रदेश के पीआरडी जवान लंबे समय से समान कार्य-समान वेतन और साल के 365 दिन रोजगार देने की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने से नाराज पीआरडी जवानों ने चंपावत जिले के लोहाघाट स्थित युवा भवन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के जिलाध्यक्ष भैरव दत्त जोशी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बैठक भी की गई। बैठक में जिले के तमाम पीआरडी जवानों और संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
पीआरडी संगठन के जिलाध्यक्ष भैरव दत्त जोशी और जवानों ने कहा कि वे लंबे समय से सरकार से समान कार्य-समान वेतन और साल के 365 दिन रोजगार देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जवानों का कहना है कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं इसके बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
देहरादून में 120 दिन तक किया था आंदोलन
पीआरडी जवानों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर उन्होंने प्रदेश की राजधानी देहरादून में 120 दिनों तक आंदोलन किया था। उस दौरान प्रदेश की युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने जवानों को उनकी मांगें जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया था। मंत्री के आश्वासन के बाद जवानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था।
जवानों का कहना है कि आश्वासन मिलने के बाद पांच से छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे जवानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हर मौसम में निभाते हैं जिम्मेदारी फिर भी नहीं मिल रहा लाभ
पीआरडी जवानों ने कहा कि सरकार की ओर से होमगार्ड जवानों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई है, लेकिन पीआरडी जवानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि पीआरडी जवान हर मौसम में दिन-रात जनपद के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, वाहन चालक और सुरक्षा कर्मी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इसके बावजूद उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन और सालभर रोजगार जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जवानों ने सरकार से उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया छोड़कर मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पीआरडी जवानों ने चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जवानों ने कहा कि मांगों की अनदेखी जारी रहने पर प्रदेशभर के पीआरडी जवान आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार के खिलाफ कदम उठाने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री के जिले और विधानसभा क्षेत्र से आते हैं इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जवानों ने सरकार से सवाल किया कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की मांगों को आखिर कब तक नजरअंदाज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगें पूरी करने की अपील
प्रदर्शन के दौरान पीआरडी जवानों ने मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। जवानों ने मुख्यमंत्री से समान कार्य-समान वेतन और साल के 365 दिन रोजगार की मांग पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
पीआरडी जवानों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और अब सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।