Dehradun | उत्तराखंड सरकार ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले को युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज में इसके दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध की हर साल समीक्षा की जाती है और परिस्थितियों के आकलन के बाद इसे जारी रखने का निर्णय लिया जाता है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई जरूरी: CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से हर कोई परिचित है। ऐसे उत्पादों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके और युवाओं को नशे की आदत से दूर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। युवाओं का नशे की ओर बढ़ना न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य, बल्कि देश और समाज के विकास के लिए भी चिंता का विषय है।
युवाओं को नशे से बचाना सरकार की प्राथमिकता
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को नशे की लत से बचाना बेहद जरूरी है। युवाओं को स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ने के अवसर देना और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और राज्य सरकार नशे के खिलाफ अभियान को हर स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रतिबंध की हर साल होती है समीक्षा
मुख्यमंत्री के मुताबिक, गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। समीक्षा के बाद इन उत्पादों पर रोक जारी रखने की जरूरत महसूस हुई है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। इस प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों की निगरानी और नियमों के पालन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। प्रतिबंध से जुड़े उत्पादों, लागू नियमों और प्रवर्तन संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है।