तहसील प्रशासन ने हाल ही में पूर्व कैबिनेट मंत्री और गदरपुर से पांच बार के भाजपा विधायक अरविंद पांडे के गूलरभोज स्थित आवास पर अवैध अतिक्रमण को लेकर नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिनों के भीतर सरकारी/राजकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए अन्यथा प्रशासन स्वयं बुलडोज़र चलाकर निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा।
भाजपा शासन में कानून सभी के लिए समान
संविधान के तहत लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और स्थानीय भूमि कानूनों के अनुसार यदि कोई जनप्रतिनिधि किसी अपराध में अदालत से दोषसिद्धि और सज़ा पाता है तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो सकता है। हालांकि केवल नोटिस या आरोप के आधार पर अयोग्यता नहीं होती। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज़ है। हाल के दिनों में अरविंद पांडे सरकार पर मुखर रूप से हमलावर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई उनकी मुखरता का परिणाम है इससे पहले उनके खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई थी। वहीं इस मामले पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने कहा कि भाजपा शासन में कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने कहा भाजपा कार्रवाई करे तब भी उस पर सवाल उठते हैं और न करे तब भी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में अब तक लगभग 1000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। यदि अतिक्रमण में भाजपा का कोई कार्यकर्ता या नेता भी शामिल होगा तो उस पर भी निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अरविंद पांडे का पक्ष है कि संबंधित निर्माण टीन शेड का है और उसका उपयोग जन सुविधाओं के लिए किया जा रहा है।
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