चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक की सीमांत सड़क में हुए डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए है। यूकेडी के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र पुनेठा और राजू भैया ने इस सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया पीएमजीएसवाई विभाग के द्वारा 688 लाख रुपए की लागत से 8.800 किलोमीटर रोसाल से डुगरा बोरा चकसिकोट सड़क का निर्माण कार्य करवाया है।
शासन प्रशासन से जांच करने की मांग
रोड अभी हैंड ओवर तक नहीं हुई है पर सड़क का डामरीकरण उखड़ने लगा है उन्होंने कहा विभाग व ठेकेदार अपनी इन कमियों को छुपाने के लिए जगह-जगह पैच वर्क करने में जुटे है। पुनेठा ने कहा सड़क की गुणवत्ता खराब होने से ग्रामीणों में भी गहरी नाराजगी है उन्होंने कहा संबंधित विभाग के अभियंता से उनकी बात हुई तो उनके द्वारा जांच की बात कहीं जा रही है। कहा सीमांत व दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की जिन सड़कों पर भी कार्य हो रहा है उनकी गुणवत्ता काफी निम्न स्तर की पाई जा रही है। पर किसी के द्वारा भी मामले का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन से इस सड़क में हुए कार्य की जांच करने की मांग की है। कहां सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर कार्य होने की बात करती है पर यहां विभाग और ठेकेदारों के द्वारा सड़क निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा। कहा अगर जल्द सड़क निर्माण कार्य की जांच नहीं होगी तो यूकेडी ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। अब आरोपो में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा
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