मसूरी माल रोड से पटरी व्यापारियों को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में टीवीसी (टाउन वेंडिंग कमेटी) की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें पटरी व्यापारियों को व्यवस्थित करने को लेकर चर्चा की जानी थी। बैठक में लगभग 120 पटरी व्यापारियों को विस्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन नगर पालिका द्वारा केवल 20 लोगों को ही पटरी लगाने की अनुमति दिए जाने की बात सामने आने पर व्यापारियों में भारी नाराज़गी फैल गई।
नगर पालिका अध्यक्ष का घेराव
लंबे समय से बेरोज़गारी और आर्थिक संकट का सामना कर रहे पटरी व्यापारियों का सब्र उस समय जवाब दे गया जब उनकी मांगों को नज़रअंदाज़ किया गया। नाराज़ व्यापारी बैठक छोड़कर नगर पालिका प्रांगण में एकत्रित हो गए और नगर पालिका अध्यक्ष का घेराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने मांग की कि केवल 20 नहीं बल्कि सभी 120 पटरी व्यापारियों को विस्थापित कर व्यवस्थित किया जाए ताकि सभी को रोज़गार का अवसर मिल सके। मामले के बिगड़ते हालात को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष ने एक बार फिर सभी पटरी व्यापारियों को नगर पालिका सभागार में बातचीत के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, नगर पालिका और पटरी व्यापारियों के बीच दोबारा हुई बैठक भी बेनतीजा रही और किसी तरह का समझौता नहीं हो सका। बैठक विफल होने के बाद पटरी व्यापारी और अधिक आक्रोशित हो गए। उन्होंने नगर पालिका प्रांगण में जमकर नारेबाजी की और टीवीसी कमेटी को भंग करने की मांग उठाई। पटरी व्यापारियों का आरोप है कि यह कमेटी उनके हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। पटरी व्यापारी संघ के अध्यक्ष रामकिशन राही ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पालिका द्वारा गरीब और मेहनतकश पटरी व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सभी व्यापारियों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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