बरसाना स्थित राधारानी मंदिर में बढ़ती भीड़ और लगातार बनी रहने वाली अव्यवस्था के मद्देनज़र मंदिर प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिया है। अब मंदिर में प्रवेश और दर्शन के लिए टोकन आधारित प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके माध्यम से श्रद्धालु निर्धारित क्रम में आसानी से दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन का यह कदम न केवल भीड़ नियंत्रण का साधन बनेगा, बल्कि दर्शन की प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाएगा। होली के बाद से यह व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू कर दी जाएगी, जिससे आने वाले समय में लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
टोकन सिस्टम से बदलेगा दर्शन का अनुभव
नई व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ श्रद्धालुओं को निःशुल्क टोकन प्रदान किए जाएंगे। टोकन नंबर के अनुसार ही दर्शन की अनुमति होगी, जिससे अब तक होने वाली धक्का-मुक्की और भीड़भाड़ की समस्या में काफी कमी आएगी। यह प्रणाली सीढ़ी मार्ग, रोपवे मार्ग और परिक्रमा मार्ग, तीनों रास्तों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लागू होगी। कुछ समय पूर्व किए गए ट्रायल में इस व्यवस्था ने सकारात्मक परिणाम दिए, जिसके बाद इसे स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारियाँ
मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। बड़ी सिंहपौर क्षेत्र में पुलिस चौकी का निर्माण कराया जा रहा है, जहाँ से टोकन प्रणाली संचालित की जाएगी। साथ ही मंदिर परिसर में जूताघर का निर्माण भी तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ के दौरान होने वाली अव्यवस्था में कमी आएगी। श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी इसी क्षेत्र से संचालित होगी, जिससे दर्शन का संपूर्ण अनुभव अधिक सुव्यवस्थित बनेगा।
लठामार होली से पहले मंदिर परिसर में विशेष प्रबंध
25 फरवरी को आयोजित होने वाली प्रसिद्ध लठामार होली को देखते हुए मंदिर परिसर में बिजली की नई फिटिंग का काम किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही मंदिर के पीछे के मार्ग के चौड़ीकरण तथा निकास मार्ग के एल-आकार को सीधा करने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है। इन बदलावों से श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी और भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी।
पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार और भोग-प्रसादी की नई व्यवस्था
मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है। इस पुराने मंदिर का उपयोग छप्पन भोग की तैयारी और भंडारे के संचालन के लिए किया जाएगा। नए और पुराने मंदिर के बीच एक लोहे का पुल बनाया जा रहा है, जिससे भोग सामग्री और प्रसाद को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से ले जाया जा सके। यह व्यवस्था मंदिर प्रशासन की दूरदर्शी योजना को दर्शाती है, जो परंपरा, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधा—तीनों को एक साथ साध रही है।
बरसाना में दर्शन का नया युग
राधारानी मंदिर में टोकन व्यवस्था का स्थायी रूप से लागू होना दर्शकों के लिए एक नए और अधिक अनुशासित दर्शन युग की शुरुआत है। यह निर्णय मंदिर परिसर में लगातार बढ़ती भीड़, त्योहारों के दौरान होने वाले दबाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आने वाले समय में यह व्यवस्था न केवल दर्शन प्रक्रिया को सहज बनाएगी, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव भी प्रदान करेगी।
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