लखनऊ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा और नर्सिंग पेशे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में स्थिति बदहाल थी और 1947 से 2017 तक सिर्फ 40 मेडिकल कॉलेज संचालित थे। पिछले 9 वर्षों में सरकार और निजी स्तर पर यह संख्या बढ़ाकर 81 कर दी गई है।
नर्सिंग का जो पेशा है, यह सेवा और संवेदना का पेशा है
मुख्यमंत्री ने नर्सिंग पेशे को सेवा और संवेदना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का जो पेशा है, यह सेवा और संवेदना का पेशा है। आपकी सेवा और संवेदना जब मरीज के साथ सहयोगी बनती है तो परिणाम भी सामने आते हैं। अब नर्सिंग के क्षेत्र में डिग्री लेने वाले का प्लेसमेंट शत प्रतिशत सुरक्षित है और भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग दुनिया भर में है।
मेडिकल शिक्षा महंगी हो सकती है
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कार्यक्रम नर्सिंग अधिकारियों को सेवा के साथ जोड़ने और उनकी पेशेवर यात्रा को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल शिक्षा महंगी हो सकती है, लेकिन नर्सिंग पेशा छात्रों के लिए स्थिर और सुरक्षित करियर विकल्प प्रदान करता है। प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र की इस तेजी से हुई प्रगति को मुख्यमंत्री ने पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों के रूप में बताया और नर्सिंग पेशे को राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल करने पर जोर दिया।
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