सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्किल डेवलपमेंट मिशन को नई गति दी है, जिसका उद्देश्य युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार से जोड़ना है। प्रदेशभर में 800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से 1 लाख से ज्यादा युवाओं को आधुनिक और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिलने की गारंटी दी गई है।
सरकार ने हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन स्थापित करने की योजना बनाई है, जहां कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने की पहल की गई है।
स्किल डेवलपमेंट मिशन की प्रमुख बातें-
50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की होगी
प्रदेश सरकार गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अन्य प्रमुख उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को प्रशिक्षित कर रही है। 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर औद्योगिक इकाइयों से जोड़ा जा रहा है, जिसमें 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की होगी।
50 एकड़ भूमि पर औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे
प्रत्येक जिले में 50 एकड़ भूमि पर औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हों। प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए 75 जिलों के 800 से ज्यादा ट्रेनिंग सेंटर्स पर हिंदी और अंग्रेजी अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया है, जिससे युवा वर्तमान घटनाओं से अपडेट रहें।
पुस्तकों का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को ₹3000 का वजीफा दिया जाएगा, साथ ही वर्दी और पुस्तकों का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 27,000 से अधिक महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि 50,000 युवाओं को Coursera जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आधुनिक स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
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