उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमें महान स्वतंत्रता सेनानियों और देशभक्तों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान का सम्मान करना चाहिए और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस दिन सभी नागरिकों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि यही रास्ता देश और राज्य की प्रगति का आधार है।
यह दशक उत्तराखंड का होगा
उत्तराखंड के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदार धाम से दिया गया संदेश—‘यह दशक उत्तराखंड का होगा’—प्रदेश के लिए एक स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हर उत्तराखंडवासी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अलग राज्य बनने के लिए उत्तराखंड ने लंबा संघर्ष देखा है और आंदोलनकारियों के त्याग के कारण ही आज राज्य को अलग पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब हम सभी की जिम्मेदारी है कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाया जाए। इसके लिए मेहनत, ईमानदारी और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य और देश की प्रगति के लिए संकल्प लें।
वहीं, हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र में गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का रुख साफ है। उन्होंने कहा कि ये धार्मिक स्थल और मंदिर विभिन्न धार्मिक संस्थाओं, जैसे तीर्थ सभा, गंगा सभा, केदार सभा और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित संत समाज द्वारा संचालित किए जाते हैं। इसलिए सरकार इन संस्थाओं की राय और सुझावों को ध्यान में रखकर ही आगे निर्णय लेगी और इससे जुड़े कानूनों का भी अध्ययन किया जाएगा।
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