वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट प्रदेश की वित्तीय क्षमता, व्यापक दृष्टि और विकासात्मक प्राथमिकताओं का प्रतीक है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है, जो बताता है कि सरकार राज्य की प्रगति को और अधिक गति देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में इसे प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह बजट अवसंरचना, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विज़न और आत्मनिर्भर यूपी का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को ‘विकसित भारत-2047’ के निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सुशासन और समावेशी विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने इसे ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नींव को और मजबूत करने वाला दस्तावेज बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा, नई दिशा और प्रभावी कार्ययोजना प्रदान करेगा, जिससे राज्य तेजी से सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक परिवर्तन के पथ पर आगे बढ़ेगा।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम
योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है और यह बजट उस दिशा में महत्वपूर्ण आधारशिला सिद्ध होगा। औद्योगिक विकास, निवेश बढ़ाने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और कृषि सुधारों के लिए योजनाओं का समावेश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक बनेगा। बजट का फोकस बुनियादी ढांचे के विस्तार, नई रोजगार संभावनाओं के सृजन और व्यापार के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है। यह प्रयास उत्तर प्रदेश को देश की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
किसान, गरीब, युवा और मातृशक्ति के लिए समर्पित दृष्टिकोण
बजट का केंद्र गरीब, किसान, युवा और महिला शक्ति हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश के विकास का आधारस्तंभ माना गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह बजट उन सभी वर्गों के उत्थान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो दशकों से विकास की मुख्यधारा में पूर्ण रूप से शामिल नहीं हो पाए थे। युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और शिक्षा को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है, किसानों के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने के उपाय निर्धारित किए गए हैं, महिलाओं के लिए सुरक्षा और स्वावलंबन की योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान किया गया है तथा गरीबों के लिए आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को विस्तारित किया गया है।
सुशासन और आधुनिक यूपी की परिकल्पना
यह बजट केवल आर्थिक प्रावधानों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि सुशासन और आधुनिक उत्तर प्रदेश की दूरदर्शी परिकल्पना का प्रतिरूप भी है। इलेक्ट्रॉनिक प्रशासन, पारदर्शिता, कानून-व्यवस्था की मजबूती, ग्रामीण विकास और शहरी सुविधाओं के विस्तार जैसे क्षेत्रों में इस बजट ने नई प्राथमिकताएँ तय की हैं। इससे न सिर्फ शासन-प्रणाली अधिक प्रभावी होगी, बल्कि राज्य के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्राप्त होगा। बजट का यह स्वरूप आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ऐसी दिशा प्रदान करेगा, जो उसे विकास के राष्ट्रीय और वैश्विक मानकों पर एक सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करेगी।
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