कोलकाता: कोलकाता में चोरबागान कांड के बाद शोक का माहौल है। इस बीच प्रतिमा विसर्जन के दौरान आसपास की पूजा समितियों ने सहयोग और एकजुटता की मिसाल पेश की। चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की प्रतिमा के विसर्जन में मदद करने के लिए पड़ोसी पूजा समितियों के करीब 25 से 30 सदस्य आगे आए। सभी सदस्यों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर इस दुखद घटना के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
शोक के बीच सहयोग का हाथ बढ़ाने पहुंचीं पड़ोसी पूजा समितियां
चोरबागान कांड के बाद प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए आसपास की कई पूजा समितियों के सदस्य एक साथ आए। उनका उद्देश्य विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की परेशानी से बचने में सहयोग करना था। इस पहल के जरिए उन्होंने दुख की घड़ी में चोरबागान पूजा समिति के साथ खड़े होने का संदेश दिया।
गंगा घाट तक प्रतिमा ले जाने के लिए ट्रॉली की व्यवस्था
प्रतिमा को विसर्जन के लिए गंगा घाट तक पहुंचाने में सुविधा हो, इसके लिए सहयोग करने पहुंचे सदस्यों ने ट्रॉली की व्यवस्था भी की। उन्होंने विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित और निर्बाध तरीके से पूरा कराने में मदद की। इस दौरान सभी सदस्य सक्रिय रूप से सहयोग करते नजर आए।
हाथों में काली पट्टी बांधकर जताया शोक
इस पहल की खास बात यह रही कि सहयोग के लिए पहुंचे सभी सदस्यों ने अपने हाथों में काली पट्टी बांध रखी थी। यह काली पट्टी चोरबागान की दुखद घटना में जान गंवाने वालों के प्रति शोक और श्रद्धांजलि का प्रतीक बनी। सदस्यों ने इस तरह अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत लोगों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
पुलिस और प्रशासन की मदद करना भी रहा उद्देश्य
पड़ोसी पूजा समितियों के सदस्यों ने बताया कि वे प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और प्रशासन को सहयोग देने के लिए आगे आए हैं। घटना के बाद विसर्जन की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता रही। सदस्यों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि विसर्जन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
शोक के बीच एकजुटता का संदेश
चोरबागान कांड के बाद जहां शहर में शोक की लहर है, वहीं पड़ोसी पूजा समितियों की इस पहल ने सामाजिक एकजुटता और आपसी सहयोग का संदेश दिया। काली पट्टी बांधकर शोक जताना, ट्रॉली की व्यवस्था करना और विसर्जन में सहयोग देना इस बात का संकेत रहा कि दुख की घड़ी में समुदाय एक-दूसरे के साथ खड़ा है।