नई दिल्ली - मोबाइल यूजर्स के लिए आने वाले महीनों में जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां अगले चार से पांच महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। रिसर्च फर्म Centrum Institutional Research के आकलन में टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धी कंपनियों की संख्या सीमित होने से कंपनियों के लिए टैरिफ बढ़ाने का माहौल पहले के मुकाबले ज्यादा अनुकूल हुआ है।
टेलीकॉम कंपनियों की कमाई में सुधार के संकेत
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के औसत राजस्व प्रति ग्राहक (ARPU) में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया के ARPU में इस अवधि में करीब 0.8 से 2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे कई कारण काम कर सकते हैं।
2G से 4G-5G की ओर बढ़ रहे ग्राहक
ग्राहकों का लगातार 2G से 4G और 5G सेवाओं की तरफ शिफ्ट होना टेलीकॉम कंपनियों की औसत कमाई बढ़ाने वाला प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके अलावा पोस्टपेड कनेक्शन में बढ़ोतरी भी ARPU को ऊपर ले जा सकती है। रिपोर्ट में तिमाही में दिनों की संख्या अधिक होने को भी राजस्व बढ़ने की एक वजह बताया गया है। इन सभी कारकों के चलते कंपनियों की प्रति ग्राहक कमाई में मामूली सुधार का अनुमान है।
जियो, एयरटेल और Vi जोड़ सकती हैं नए ग्राहक
रिपोर्ट में टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहक आधार को लेकर भी अनुमान दिया गया है। इसके अनुसार सितंबर तिमाही में रिलायंस जियो करीब 80 लाख, भारती एयरटेल लगभग 30 लाख और वोडाफोन आइडिया करीब 10 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है। इससे तीनों कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। खासकर जियो और एयरटेल की 4G और 5G सेवाओं का विस्तार ग्राहक आधार मजबूत करने में मदद कर रहा है।
5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार
देश में 5G नेटवर्क के विस्तार की तस्वीर भी लगातार बदल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल 95 फीसदी से अधिक जिलों तक 5G सेवाएं पहुंचा चुके हैं। वहीं, वोडाफोन आइडिया ने भी 5G नेटवर्क का विस्तार शुरू कर दिया है। कंपनी की 5G सेवा करीब 200 शहरों में उपलब्ध बताई गई है और नेटवर्क को आगे बढ़ाने पर काम जारी है।
क्यों बढ़ सकते हैं मोबाइल रिचार्ज के दाम?
टेलीकॉम कंपनियों की ओर से संभावित टैरिफ बढ़ोतरी के पीछे सेक्टर में कंपनियों की सीमित संख्या को एक अहम वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिस्पर्धा का स्वरूप बदलने से कंपनियों को कीमतों में बदलाव की अधिक गुंजाइश मिल सकती है।
अगर अगले कुछ महीनों में 12-15 फीसदी तक टैरिफ बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर प्रीपेड और अन्य मोबाइल प्लान पर पड़ सकता है। हालांकि, यह अभी रिसर्च रिपोर्ट का अनुमान है और इसे कंपनियों की ओर से घोषित अंतिम कीमत नहीं माना जा सकता। इसलिए ग्राहक नई दरों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।