Mumbai | घरेलू शेयर बाजार बुधवार को दबाव के साथ खुला। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बाजार की नजर इस बात पर है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक विकास और महंगाई के बीच संतुलन को लेकर क्या रुख अपनाता है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले, जबकि बाजार खुलने के कुछ समय बाद प्रमुख सूचकांकों में दबाव और बढ़ गया।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
निफ्टी 50 बुधवार को 22,690.45 अंक पर खुला। यह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 85.65 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट है। इसी तरह बीएसई सेंसेक्स 72,965.38 अंक पर खुला, जो पिछले बंद स्तर से 102.43 अंक यानी 0.14 प्रतिशत नीचे है। शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से दोनों प्रमुख सूचकांक और नीचे फिसलते नजर आए।
ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में
एनएसई के प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मीडिया को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। निफ्टी मीडिया 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा।
अन्य प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स का शुरुआती प्रदर्शन इस तरह रहा:
- निफ्टी ऑटो: 0.52% नीचे
- निफ्टी FMCG: 0.43% नीचे
- निफ्टी IT: 0.51% नीचे
- निफ्टी मेटल: 0.59% नीचे
- निफ्टी फार्मा: 0.12% नीचे
- निफ्टी PSU बैंक: 0.29% नीचे
- निफ्टी प्राइवेट बैंक: 0.29% नीचे
- निफ्टी ऑयल एंड गैस: 0.49% नीचे
- निफ्टी मीडिया: 0.66% ऊपर
डॉ. रेड्डीज और सिप्ला में तेजी
निफ्टी 50 के शुरुआती कारोबार में डॉ. रेड्डीज, सिप्ला, भारती एयरटेल और कोल इंडिया बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर टाइटन, SBI लाइफ, एशियन पेंट्स, M&M और इंडिगो शुरुआती कारोबार में दबाव वाले प्रमुख शेयरों में रहे।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
भारतीय बाजार के साथ बुधवार को कई प्रमुख एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान, हांगकांग, दक्षिण कोरिया और ताइवान के प्रमुख सूचकांक गिरावट में कारोबार करते नजर आए।
- जापान निक्केई 225: 0.57% गिरकर 70,295
- सिंगापुर स्ट्रेट्स टाइम्स: 0.07% गिरकर 5,624
- हांगकांग हैंग सेंग: 0.66% गिरकर 24,121
- ताइवान वेटेड इंडेक्स: 0.27% गिरकर 49,689
- दक्षिण कोरिया कोस्पी: 0.83% गिरकर 6,882
RBI MPC के फैसले पर बाजार की नजर
बुधवार के कारोबार में निवेशकों की नजर प्रमुख रूप से RBI की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर बनी हुई है। बाजार यह देखना चाहता है कि केंद्रीय बैंक मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में विकास और महंगाई को लेकर किस तरह का रुख अपनाता है। MPC के फैसले और RBI के आगे के संकेतों का असर ब्याज दर संवेदनशील शेयरों के साथ-साथ बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और अन्य प्रमुख सेक्टरों पर भी देखने को मिल सकता है।