Mumbai | भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 8 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44% गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64% टूटकर 22,231.80 पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 52-सप्ताह का नया निचला स्तर भी बनाया। अब शुक्रवार, 9 अक्टूबर को निवेशकों की नजर इस बात पर है कि गुरुवार की तेज गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी आती है या बिकवाली का दबाव जारी रहता है। ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉरपोरेट अपडेट्स से बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।
Gift Nifty से क्या संकेत मिल रहे हैं?
शुक्रवार सुबह Gift Nifty में हल्की तेजी दिखाई दे रही थी। यह भारतीय बाजार के लिए शुरुआती तौर पर सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, हालांकि केवल Gift Nifty के आधार पर बाजार की पूरी दिशा तय नहीं की जा सकती। गुरुवार की भारी गिरावट के बाद निवेशक आज खासतौर पर शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, IT, मेटल और ऑयल से जुड़े शेयरों में गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद शुक्रवार को कुछ नरमी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई नहीं करने की बात के बाद सप्लाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं। शुक्रवार को Brent crude करीब 0.7% की गिरावट के साथ $103.53 प्रति बैरल के आसपास था, जबकि WTI crude करीब $90.97 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले गुरुवार को Brent करीब 4% चढ़कर $104 से ऊपर पहुंच गया था। कच्चे तेल में यह उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऊंची तेल कीमतों से महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
US IT कंपनियों पर PERM कार्रवाई से IT शेयर फोकस में
अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों से जुड़े रोजगार नियमों पर सख्ती का असर भारतीय IT शेयरों की धारणा पर भी पड़ सकता है। अमेरिकी प्रशासन ने Cognizant, Infosys, TCS, Wipro, HCL Technologies और Capgemini समेत कई कंपनियों को Permanent Labor Certification यानी PERM कार्यक्रम से निलंबित किया है। Microsoft और Adobe भी इस कार्रवाई की जद में हैं। PERM प्रक्रिया अमेरिकी कंपनियों द्वारा विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार-आधारित Green Card प्रायोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस कार्रवाई से प्रभावित कंपनियों के लिए नए आवेदन और लंबित मामलों की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। गुरुवार को Infosys और Wipro के ADR में करीब 3% की गिरावट भी देखने को मिली थी, इसलिए शुक्रवार को घरेलू IT शेयरों में भी हलचल पर नजर रहेगी।
आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर
9 अक्टूबर को कई कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं। इनमें Poonawalla Fincorp, Anand Rathi Wealth, Canara HSBC Life Insurance, Canara Robeco Asset Management और Can Fin Homes समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं। नतीजों के अलावा निवेशक कंपनियों के मार्जिन, आय वृद्धि, नए ऑर्डर और आने वाली तिमाहियों के लिए प्रबंधन के अनुमान पर भी नजर रखेंगे।
आज इन शेयरों में दिख सकती है हलचल
KEC International
KEC International को ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल्स तथा केबल्स एंड कंडक्टर्स कारोबार में कुल ₹1,030 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स के बाद कंपनी का चालू वित्त वर्ष में अब तक का ऑर्डर इनटेक ₹8,600 करोड़ से अधिक हो गया है।
NCC
NCC को Hyderabad Growth Corridor से ₹1,286.03 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के लिए Letter of Acceptance मिला है। यह प्रोजेक्ट तेलंगाना में Outer Ring Road के पास Budwel से NH-167N पर Nacharam तक Radial Road-2 के निर्माण से जुड़ा है।
Waaree Renewable Technologies
Waaree Renewable Technologies को एक PSU से 5 MWp ग्रिड-कनेक्टेड सोलर PV प्रोजेक्ट के लिए Letter of Acceptance मिला है। इसमें टर्नकी EPC काम के साथ 10 वर्षों के लिए व्यापक Operations & Maintenance सेवाएं भी शामिल हैं।
Pace Digitek
Pace Digitek को दिल्ली में 57.5 MW/115 MWh standalone Battery Energy Storage System (BESS) विकसित करने के लिए BSES Rajdhani Power से Letter of Intent मिला है। प्रोजेक्ट को 12 साल के BOOT मॉडल के तहत विकसित किया जाना है और इसकी अनुमानित पूंजीगत लागत करीब ₹179.4 करोड़ बताई गई है।
Hexaware Technologies
Hexaware Technologies ने Anthropic के साथ multi-year partnership की घोषणा की है। कंपनी Anthropic के Claude Partner Network में preferred partner बनी है और Claude को अपनी AI प्लेटफॉर्म्स Zerovity और AgentVerse में शामिल करेगी।
Cummins India
Cummins India के बोर्ड ने Adegbe... Adeb... को कंपनी का Additional Director और Managing Director नियुक्त करने की मंजूरी दी है। नियुक्ति 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होने की बात कही गई है और कार्यकाल तीन साल का होगा।
निवेशकों के लिए आज क्या महत्वपूर्ण रहेगा?
गुरुवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में volatility बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर मुख्य रूप से Gift Nifty, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और IT कंपनियों से जुड़े अमेरिकी अपडेट्स पर रहेगी। इसके अलावा दूसरी तिमाही के नतीजों का सीजन शुरू होने से कंपनियों के earnings updates और नए ऑर्डर भी स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन को प्रभावित कर सकते हैं। गुरुवार की बिकवाली में सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में रहे थे, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई थी।