मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर मप्र कांग्रेस किसानों का महासम्मेलन मंदसौर में आयोजित करने जा रही है। महासम्मेलन के जरिए किसानों के बीच जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ लहर पैदा करने की रणनीति पर कांग्रेस काम कर रही है। 2018 में किसानों के मुद्दे पर ही प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस काबिज हो पाई थी। और यही कारण है कि एक बार फिर से सत्ता विरोधी लहर को मंदसौर से ही शुरु करने पर जोर दिया जा रहा है। कांग्रेस ने महासम्मेलन के लिए 6 जून की तारीख को चुना है। वहीं जब पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ किसानों के बीच पहुंचेंगे तो ऋण माफी योजना को भी याद दिलाने का प्रयास करेंगे।
कांग्रेस संगठन महामंत्री का बयान
कांग्रेस के संगठन महामंत्री राजीव सिंह का कहना है कि “मंदसौर में बहुत दुखद घटना हुईं थीं जब किसान अपनी बातों को लेकर सरकार के सामने जा रहे थे। कांग्रेस पार्टी ने उनको श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा है। किसानों को बिजली,पानी, खाद, उचित मूल्य की बात करतें है तो फसल सड़ जाती है। कमलनाथ सरकार बनते ही किसानो का कर्जा माफ किया।”बीजेपी का पलटवार
किसानों पर जारी सियासत में बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। बीजेपी के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन चौधरी ने कहा कि, कांग्रेस ने हमेशा से किसानों की लाशों पर रोटी सेंकने का काम किया है। 50 सालों तक कांग्रेस की सरकार रही लेकिन उन्होंने कभी भी किसानों के हित के बारे में नहीं सोचा। मध्य प्रदेश में 3% से उठकर 18% तक जीडीपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में हुई है। 2018 में किसान कर्ज माफी की घोषणा के बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने एक बार फिर किसानों के मुद्दों पर फोकस करना शुरु कर दिया है। और इसके लिए महासम्मेलन के साथ साथ कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। लेकिन, फिलहाल, ये कह पाना बहुत मश्किल होगा कि किसानों को साधकर कांग्रेस मप्र की सत्ता में काबिज हो पाएगी या नहीं।Read More: मध्यप्रदेश की महाभारत, तीसरे मोर्चे ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की मुसीबत
Comments (0)