मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस अब मध्यप्रदेश में असर दिखा रहा है। इसका शुरुआती प्रभाव ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने को मिला, जहां बादलों की घेराबंदी, हल्की बारिश और घना कोहरा बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित करेगा।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन ने बढ़ाई अस्थिरता
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके साथ लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन की गतिविधियों ने प्रदेश के मौसम को अस्थिर बना दिया है। इसी कारण बीते 24 घंटे में ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रहीं।
कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर
शनिवार को छतरपुर, रतलाम सहित 10 से अधिक जिलों में तेज हवाएं चलीं, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। राजधानी भोपाल में भी दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले दो दिन तक प्रदेश में तेज शीतलहर की स्थिति नहीं बनेगी।
कोहरे ने बढ़ाई परेशानी, विजिबिलिटी रही कम
शनिवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन और निवाड़ी सहित करीब 22 जिलों में कोहरा छाया रहा। दतिया में सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि भोपाल और नौगांव में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम रही।
अगले दो दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में तेज ठंड का प्रकोप नहीं रहेगा, लेकिन सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना बनी रहेगी। 27 और 28 जनवरी को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी।
जनवरी के अंत में फिर तेज होगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बारिश और सिस्टम के गुजरने के बाद जनवरी के आखिरी दिनों में ठंड एक बार फिर तीखा असर दिखा सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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