लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने वाला अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। उन पर सदन की कार्यवाही के दौरान भेदभाव करने का आरोप था।
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने 56 मिनट तक जवाब दिया। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और बताया कि 17वीं और 18वीं लोकसभा में विपक्ष को बोलने के लिए कितना समय मिला।शाह ने स्पष्ट कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलेगा। स्पीकर को नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने और सदस्यों को टोकने का अधिकार है। उन्होंने कहा, यह सदन मेला नहीं है। जो नियम से नहीं चलेंगे, उनका माइक बंद होगा।
कांग्रेस को सदन में अधिक समय मिला
शाह ने बताया कि 17वीं लोकसभा में कांग्रेस को 157 घंटे 55 मिनट का समय मिला, जबकि उनके सदस्य केवल 52 थे। भाजपा के पास 6 गुना ज्यादा सदस्य होने के बावजूद कांग्रेस को उनके मुकाबले छह गुना ज्यादा समय मिला। 18वीं लोकसभा में भी कांग्रेस को भाजपा से दो गुना समय मिला।
शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। लेकिन जब समय मिलता है, तो वे विदेश में होते हैं और फिर शिकायत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 18वीं लोकसभा में कांग्रेस के सदस्यों ने कुल 157 घंटे 55 मिनट बोले।
विपक्ष प्रस्ताव पर भी चुप
शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर भी बोलते नहीं हैं, फिर ऐसे प्रस्ताव क्यों लाते हैं। “एक तो बोलना नहीं चाहते, बोलना चाहते हैं तो नियम अनुसार नहीं बोलना चाहते।
उन्होंने राहुल गांधी पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ संशोधन और धारा 370 जैसी महत्वपूर्ण चर्चाओं में वह गायब रहे। SIR पर चर्चा थी, विपक्ष के नेता को बोलने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। इसके बजाय अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करना शुरू कर दिया।
गृह मंत्री ने बताया कि 16वीं लोकसभा में राहुल गांधी ने 2014, 2015, 2017 और 2018 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग नहीं लिया। केंद्रीय बजट पर किसी भी चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। 16वें, 17वें, 19वें, 20वें और 21वें सत्रों में भी उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। 19वें, 20वें, 22वें और 23वें सत्रों में उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग नहीं लिया और एक विधेयक को छोड़कर किसी अन्य विधायी चर्चा में भाग नहीं लिया। 18वीं लोकसभा में उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया।
Comments (0)