साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तेजी से तैयारी में जुटी कांग्रेस के निशाने पर अब अधिकारी कर्मचारी आ गये है (MP Election 2023)। कांग्रेस ने अपने जिला अध्यक्षों और विधायको से भाजपा के करीबी रखने वाले और नेताओं के रिश्तेदार अधिकारी कर्मचारियो की सूचि मांगी है। कांग्रेस चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग (Election Commission) से ऐसे कर्मचारियों को हटाने की मांग करेगी।
भाजपा नेताओं के रिश्तेदार अधिकारी, कर्मचारियों के मांगे नाम
ऐसा पहली बार नहीं है जब अधिकारी कर्मचारी कांग्रेस के निशाने पर होंगे। इससे पहले भी पीसीसी चीफ कमलनाथ खुले मंचो से अधिकारी कर्मचारियों को खरी खोटी सूना चुके है। यहां तक के सरकार बनने पर हिसाब बराबर करने की चेतावनी तक दे चुके है। लेकिन अब चुनाव में समय कम है ऐसे में कांग्रेस ने अपने जिला अध्यक्षों और विधायको से ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार करके देने के लिए कहा है जिनका झुकाव भाजपा की ओर से है, या भाजपा नेताओं के रिश्तेदार हैं। इन्हें चुनाव से पहले हटाने के लिए निर्वाचन आयोग से मांग की जाएगी ताकि वे चुनाव को प्रभावित न कर सकें। इसमें कलेक्टर, एसपी ,अतिरिक्त, संयुक्त, उप कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक सहित अन्य संवर्ग के अधिकारी शामिल हैं।
बीजेपी हुई हमलावर
कांग्रेस के अधिकारी कर्मचारियों की सूचि बनाने के लेकर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है। और कर्मचारियों को डराने के आरोप लगा रही है। बीजेपी के प्रदेश महमंत्री भगवान दास सबनानी का कहना है कि खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे वाली कहावत है। खुद कुछ कर नहीं पा रहे तो कर्मचारियों को डरा रहे है, सूचि बनवा रहे है। डराने धमकाने से लोकतंत्र नहीं चलता है।
क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों की जानकारी मांगकर कांग्रेस ने एक बार फिर यह बता दिया कि चुनावी जमघट में कर्मचारी अधिकारी निशाने पर है। सत्ता के पक्ष में काम किया या विपक्ष को दबाया तो सरकार बनने के बाद हिसाब की चक्की चलेगी। यही वजह है कि कांग्रेस, बीजेपी से करीबी रखने वाले अधिकारी कर्मचारियों को चुनाव से पहले हटवाने के लिये निर्वाचन आयोग का सहारा ले रही है।
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