मध्यप्रदेश में वर्षा के चार सिस्टम सक्रिय बने हुए हैं। हालांकि, इनका असर पूरे प्रदेश में नहीं है। मंगलवार को एक बार फिर से मौसम विभाग ने अधिक वर्षा कि चेतावनी जारी की है।
इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में सिस्टम अभी भी सक्रिय बना हुआ है। सोमवार को सुबह 8.30 से शाम को 5.30 तक छिंदवाड़ा में 20 एमएम, पचमढ़ी में दो एमएम, रतलाम में एक, सागर में 0.7 एमएम और भोपाल में 0.2 एमएम वर्षा दर्ज की गई है, उज्जैन और मंडला में वर्षा दर्ज की गई है।
मानसून द्रोणिका के मध्यप्रदेश में बने रहने और अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। मंगलवार के लिए खंडवा, इंदौर सहित 14 जिलों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसमें विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम,बैतूल,खंडवा, हरदा, बुरहानपुर,रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर,आगर-मालवा और मंदसौर जिले हैं। मानसून द्रोणिका वर्तमान में दीसा, रतलाम, बैतूल, ब्रह्मपुरी, कांकेर, कलिंगपट्टनम से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
मप्र के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी ओडिशा में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के असर से लगातार आ रही नमी से प्रदेश के विभिन्न शहरों में वर्षा हो रही है।
मध्यप्रदेश में वर्षा के चार सिस्टम सक्रिय बने हुए हैं। हालांकि, इनका असर पूरे प्रदेश में नहीं है। मंगलवार को एक बार फिर से मौसम विभाग ने अधिक वर्षा कि चेतावनी जारी की है।
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