बीते कुछ महीनों में सोने की कीमतों में जिस तेजी से उछाल आया है, उसके पीछे सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग सबसे बड़ा कारण मानी जा रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों का रिस्क से दूरी बनाना—इन सभी ने गोल्ड को फिर से “सेफ हेवन एसेट” के रूप में स्थापित कर दिया है।
कमजोर रुपया और विदेशी बिकवाली से मिला सपोर्ट
भारतीय रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसलना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी सोने की कीमतों को मजबूती दी है। जब मुद्रा कमजोर होती है, तो आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू बाजार में भाव और ऊपर चले जाते हैं। इसके साथ ही इक्विटी मार्केट में दबाव का असर भी गोल्ड की मांग पर साफ दिख रहा है।
भू-राजनीतिक तनाव और कॉरपोरेट नतीजों का असर
ग्रीनलैंड समेत वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। वहीं रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों ने शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से निकलकर सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
सोने ने छुआ 1.6 लाख का स्तर, बना नया इतिहास
24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए 1.6 लाख रुपये के पार पहुंचकर नया ऑल-टाइम हाई बना चुका है। बीते एक साल में करीब 93 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी ने निवेशकों को चौंका दिया है। हालांकि जनवरी में गोल्ड और सिल्वर ETFs में हल्की गिरावट देखी गई थी, लेकिन इसके बाद कीमतों में फिर मजबूती आई और भाव करीब 17 प्रतिशत तक उछल गए।
आज के ताजा भाव क्या संकेत देते हैं
मौजूदा कारोबार में 24 कैरेट सोना 15,862 रुपये प्रति ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। वहीं 10 ग्राम का भाव बढ़कर 1,58,620 रुपये हो गया है। यह बढ़त दर्शाती है कि बाजार में अभी भी बुलिश सेंटिमेंट हावी है और निकट भविष्य में बड़ी गिरावट के संकेत नजर नहीं आ रहे।
गोल्डमैन सैक्स का बड़ा अनुमान, 2026 तक नया टारगेट
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने सोने को लेकर अपने अनुमान और मजबूत कर दिए हैं। फर्म ने 2026 के अंत तक गोल्ड का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो भारतीय बाजार में लगभग 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर बैठता है। ब्रोकरेज का मानना है कि गोल्ड की मांग में एक “स्ट्रक्चरल शिफ्ट” आ चुका है, जो कीमतों को लंबे समय तक सपोर्ट देगा।
क्या 1.70 लाख का स्तर हकीकत बनेगा?
एक्सपर्ट्स की राय में मौजूदा फैक्टर्स—जैसे वैश्विक तनाव, कमजोर मुद्रा, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों की मानसिकता—जारी रहे तो 10 ग्राम सोने का भाव 1.70 लाख रुपये के करीब पहुंचना असंभव नहीं है। हालांकि निवेशकों को तेजी के इस दौर में भी सावधानी और संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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