उत्तर प्रदेश शनिवार को गर्व और उत्साह के साथ अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 24 जनवरी 1950 को ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया था, और तभी से यह दिन प्रदेश के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और अन्य नेताओं ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदेश की गौरवशाली परंपरा पर दिया जोर
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को मेरी शुभकामनाएं। गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति की यह धरती भारत की विकास यात्रा में मजबूत आधार स्तंभ रही है। मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। मैं इस राज्य के मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।”
केशव प्रसाद मौर्य ने विरासत और विकास पर दिया जोर
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “उत्तर प्रदेश वह भूमि है, जहां मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, लीलाधर श्रीकृष्ण और देवाधिदेव महादेव की पावन धरती स्थित है। यहां परंपरा और प्रगति हमेशा साथ-साथ चलती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार प्रदेश को ‘विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत’ के संकल्प के साथ समृद्ध, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण बनाने का निरंतर प्रयास कर रही है।”
राजेश्वर सिंह ने बताया ‘नया उत्तर प्रदेश’
सरोजनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा, “नया उत्तर प्रदेश सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध है। काशी की दिव्यता, प्रयाग की आध्यात्मिकता, अयोध्या की मर्यादा और मथुरा की माधुर्य परंपरा से सिंचित यह प्रदेश केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप है।”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश निवेश, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, एयरपोर्ट, मेट्रो विस्तार, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, स्टार्टअप संस्कृति और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उत्तर प्रदेश के 77वें स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी गईं।
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