मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बसंत पंचमी पर्व पर धार स्थित भोजशाला संरक्षित परिसर में दर्शन, पूजन, हवन और नमाज के कार्यक्रम पूर्ण शांति, आस्था, अनुशासन और सौहार्द के साथ संपन्न हुए। प्रशासन, पुलिस और नागरिकों के सहयोग से पूरे आयोजन में कानून और शांति व्यवस्था बनी रही। जिला प्रशासन द्वारा भोजशाला संरक्षित परिसर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पूर्णतः पालन में भोजशाला में पूजा निर्बाध रूप से संपन्न कराई गई और नमाज़ की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। प्रदेश सरकार सुशासन के लिये जानी जाती है। प्रदेश आज शांति और सद्भाव का प्रतीक बना हुआ है। जहां कहीं भी व्यवस्थाओं में लापरवाही पाई जाती है, वहां प्रशासन द्वारा पूरी सख्ती से कार्रवाई की जाती है।
दर्शन, पूजा, हवन और नमाज हुए निर्विघ्न संपन्न
बसंत पंचमी पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए। परिसर में हवन-पूजन की गतिविधियां भी लगातार चलती रहीं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप नमाज भी निर्धारित स्थान पर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच निर्विघ्न संपन्न हुई। भोजशाला परिसर के समीप पुलिस कंट्रोल रूम, अस्थाई चिकित्सालय, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और मीडिया सेंटर जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं।जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्था की गई। शासन स्तर पर सतत मॉनिटरिंग के चलते कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रही।
सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई तकनीक से निगरानी
कड़ा सुरक्षा घेरा 300 मीटर क्षेत्र में बनाया गया और नो-फ्लाई जोन लागू किया गया। एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई तकनीक से निगरानी की गई। थ्री-डी मैपिंग और कंट्रोल रूम के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई। धारा 163 में प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया गया।प्रशासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद बना रहा। मोहल्ला समितियों एवं समाज प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकों से आमजन का पूरा सहयोग प्राप्त हुआ।
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