मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सरकार 50 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। इसके आधार पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल को विज्ञापन निकालने के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। एमपी में 1 लाख रिक्त पदों पर पहले से ही भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
चुनाव से पहले हर वर्ग को साधने में जुटी बीजेपी
एमपी में इस साल विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग को साधने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में शिवराज सरकार ने 50 हजार पदों पर भर्ती निकालने का फैसला किया है। इस आधार पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल विज्ञापन निकालने को प्रस्ताव भेजेंगे। कर्मचारी चयन मंडल से चयनित लाभकारी आरक्षकों और विभागीय स्तर पर अभिलेख की शारीरिक प्रशिक्षण हो चुके हैं। वहीं पात्र हुए अभ्यर्थियों को सीएम शिवराज की तरफ से नियुक्ति पत्र सौंपे जा सकते हैं।
सभी विभागों से जानकारी मांगी
शिवराज सरकार ने भर्ती के लिए प्रदेश के सभी विभागों से जानकारी मांगी है। कहा गया है कि जिस विभाग में जो पद रिक्त हैं उनके जानकारी दी जाएं। इन पदों की जानकारी मिलने के बाद राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल को विज्ञापन के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रदेश में पहले से रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कुछ दिन पहले 50 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। वहीं प्रदेश के कई पद पहले से ही रिक्त पड़े हैं जिसकी वजह से विभागों का काम प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 60 हजार से अधिक पदों पर चयन के लिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
नियुक्ति पत्र भी सौंपें
अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों को नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए गए हैं। पटवारी परीक्षा के परिणाम भी घोषित हो गए थे और 5 अगस्त से पहले नियुक्त पत्र देने की तैयारी थी। लेकिन परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोप लगने के बाद सीएम शिवराज ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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