चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या 210 पार
डेंगू के बाद चिकनगुनिया ने भी अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है। भोपाल में चिकनगुनिया के मरीजों की भी संख्या 210 के पार पहुंच गई है। मिली जानकारी के मुताबिक ये मरीज शिवनगर, शीतल नगर, टीबी अस्पताल, कल्याण नगर, अब्बास नगर और अवधपुरी इलाके से सामने आए हैं। राजधानी भोपाल में बढ़ते डेंगू के मरीजों को लेकर सीनियर डॉक्टर राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि, राजधानी भोपाल में डेंगू के मरीज सामने जरूर आ रहे हैं लेकिन उनका इलाज सही रूप से किया जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने लोगों से आग्रह भी किया है कि यदि किस लगातार बुखार आ रहा है तो वह डेंगू का टेस्ट करवाएं और अपने आसपास डेंगू के मच्छर पनपने ना दे।डेंगू बुखार के लक्षण
अचानक तेज बुखार (40°C/104°F)
गंभीर सिरदर्द
जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द
आँखों के पीछे दर्द
सूजी हुई लिम्फ ग्रंथियां
जी मिचलाना
उल्टी करना
खुजली
थकान
डेंगू बुखार की रोकथाम
मच्छर नियंत्रण: अपने घर के आस-पास स्थिर पानी और संभावित प्रजनन स्थलों को हटा दें। खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छरदानी और स्क्रीन का प्रयोग करें।
सुरक्षात्मक कपड़े: बाहर जाते समय लंबी बाजू के कपड़े, पैंट और मोज़े पहनें। हल्के रंग के कपड़े भी मच्छरों को भगाने में मदद कर सकते हैं।
कीट विकर्षक: उजागर त्वचा और कपड़ों पर DEET, पिकारिडिन, या लेमन यूकेलिप्टस के तेल के साथ मच्छर विकर्षक लगाएँ।
पीक एक्टिविटी से बचें: सुबह जल्दी और देर दोपहर के दौरान बाहरी गतिविधियों को सीमित करें जब मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
स्वच्छ परिवेश: अपने रहने की जगह को साफ रखें और कचरे का उचित तरीके से निपटान करें। मच्छरों के आराम करने वाले क्षेत्रों को कम करने के लिए झाड़ियों और झाड़ियों को ट्रिम करें।
सामुदायिक प्रयास: मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए सामुदायिक पहलों में शामिल हों, जैसे सफाई अभियान और बेहतर स्वच्छता प्रथाओं की वकालत करना।
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