अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण पूर्वी मध्यप्रदेश में पिछले चार दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मंगलवार को दोपहर के समय सिंगरौली में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। जबलपुर, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ वर्षा होने की संभावना है। वहीं सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की आशंका है। प्रदेश के शेष जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पश्चिमी विदर्भ पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। उत्तरप्रदेश पर एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में सक्रिय है।
इसके अतिरिक्त बंगाल की खाड़ी में प्रति चक्रवात मौजूद है। इस मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से हवाओं के साथ पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार नमी आ रही है। इस वजह से वहां पिछले चार दिनों से रुक-रुककर वर्षा हो रही है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण पूर्वी मध्यप्रदेश में पिछले चार दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मंगलवार को दोपहर के समय सिंगरौली में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। जबलपुर, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ वर्षा होने की संभावना है। वहीं सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की आशंका है। प्रदेश के शेष जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
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