मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कार्यालय और मंत्रालय स्तर पर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिली हरी झंडी के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने नई टीम का खाका खींच दिया है। इसमें दो बातों का ध्यान रखा गया है।
पहला, उन अफसरों को मुख्यधारा से हटाया जाना है जो पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद नॉन परफॉर्मेंस के दायरे में हैं। दूसरा आधार योग्यता है, जिसके तहत उन आइएएस अफसरों को नई जिमेदारी मिल सकती है, जो किसी न किसी काम में उच्च योग्यता रखते हैं, लेकिन अभी लूप लाइन में या योग्यता से हटकर दूसरे विभागों में सेवाएं दे रहे हैं।
यह बदलाव विकसित मप्र से विकसित भारत के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर किया जाना है, जिस पर मुख्यमंत्री की अंतिम सहमति बाकी है। ये बदलाव बुदनी व विजयपुर उप चुनाव में वोटिंग के बाद कभी भी सामने आ सकते हैं।
मध्यप्रदेश में उन अफसरों को मुख्यधारा से हटाया जाना है जो पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद नॉन परफॉर्मेंस के दायरे में हैं।
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