जिला, जनपद और नगरीय निकायों के जन प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाए जाने के बाद सरकार प्रदेश में कैबिनेट और राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के मानदेय भी बढ़ाने जा रही है। अभी जनप्रतिनिधियों में सबसे कम मानदेय निगम मंडलों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का है। इन्हें अधिकतम 13 हजार रुपए ही मिल रहे हैं, जो निगम-मंडलों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के वेतन से भी कम है।
प्रदेश में 39 निगम-मंडल हैं, जिनमें से 35 में कैबिनेट का दर्जा प्राप्त अध्यक्ष और 4 में अध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है। निगम मंडलों के इन अध्यक्षों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की भी चर्चा हो चुकी है। इसी के अनुसार मानदेय में पांच गुना 50 हजार रुपए मानदेय दिया जाना प्रस्तावित है। हालांकि, इस बारे में अभी अंतिम फैसला लिया जाना है। अभी निगम-मंडलों में अध्यक्षों में कैबिनेट दर्जा प्राप्त अध्यक्ष को 10 हजार रुपए मानदेय और 3 हजार रुपए भत्ता मिलाकर कुल 13 हजार रुपए मिल रहे हैं। राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त को 6,500 रुपए मानदेय और 3,500 रुपए भत्ता मिल रहा है।
जिला, जनपद और नगरीय निकायों के जन प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाए जाने के बाद सरकार प्रदेश में कैबिनेट और राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के मानदेय भी बढ़ाने जा रही है। अभी जनप्रतिनिधियों में सबसे कम मानदेय निगम मंडलों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का है। इन्हें अधिकतम 13 हजार रुपए ही मिल रहे हैं, जो निगम-मंडलों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के वेतन से भी कम है।
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