बालाघाट के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बोध सिंह भगत ने आज कांग्रेस का दामन थाम लिया। पीसीसी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इससे पहले पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुभा मुंजारे कांग्रेस की सदस्यता ले चुकी हैं। दोनों नेता अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। बालाघाट जिले ओबीसी बहुल है और अधिकतर सीटों पर जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसे देखते हुए भगत के कांग्रेस में शामिल होने को बड़ा झटका माना जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, भगत मेरे साथ संसद में भी रहे हैं। मैं इनका स्वागत करता हूं। दिलीप सिंह, शराफातुल्लाह खान, सुमित चौबे, राजेश पटेल, आशु बघेल, भीम सिंह पटेल, चंद्रशेखर पटेल, शाहिद सहित लंबी लिस्ट है। आज का दिन आप सब के उत्साह ने मुझे शक्ति दी है। आप सब कांग्रेस से जुड़ कांग्रेस का साथ दे रहे हैं। प्रदेश की तस्वीर आप सबके सामने है भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं। सरपंच संगठन के लोगों ने मुझे बताया कि किस स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है।
कमलनाथ ने कहा, किसानों को खाद बीज के लिए भटकना पड़ रहा है। हमारा 15 महीने का कार्यकाल रहा। उसमें हमने अपनी नीति और नियत का परिचय दिया। हमने शुरुआत की थी वह तो सैंपल था। हम प्रदेश को सही पटरी पर लाना चाहते थे। आज नौजवान क्यों भटक रहा है क्योंकि कोई निवेश नहीं आता है। निवेश तब आता है जब लोग प्रदेश पर विश्वास करते हैं। लेकिन हमारे प्रदेश पर किसी को विश्वास ही नहीं।
बालाघाट के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बोध सिंह भगत ने आज कांग्रेस का दामन थाम लिया। पीसीसी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इससे पहले पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुभा मुंजारे कांग्रेस की सदस्यता ले चुकी हैं। दोनों नेता अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। बालाघाट जिले ओबीसी बहुल है और अधिकतर सीटों पर जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसे देखते हुए भगत के कांग्रेस में शामिल होने को बड़ा झटका माना जा रहा है।
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