देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कल नो कार डे मनाया जाएगा। यानी कल के दिन एक भी कार सड़कों पर दौड़ती हुई नजर नहीं आएगी। इसकी अपील महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा सभी जनता से की जा रही है। यह कदम पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। निगम ने कार की की जगह लोक परिवहन उपयोग करने का निवेदन किया है। सिटी बसों के फेरे में बढ़ोतरी भी की गई है। वहीं नो कार डे के दिन लोक परिवहन के साथ ई बाइक, साइकिल का उपयोग को भी महत्व दिया जाएगा।
जानिए क्यों मनाया जायेगा नो कार डे?
प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले शहर में कल चार पहिया वाहनों के पहिया सड़कों पर नहीं दौड़ेंगे। कल इंदौर में नो कार डे को मनाया जायेगा। इसको लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया की शहर को स्वच्छता के साथ वायु गुणवत्ता में सबसे आगे ले जाना है। इसके लिए वायु प्रदूषण को कम करना सबसे ज्यादा जरूरी है। नो कार डे इसमें बेहतर मदद करेगा। इसीलिए नो कार डे मनाया जा रहा है। ऐसे में इंदौर की कोई भी जनता शहर में कार चलाती हुई नजर नहीं आएगी। कार के अलावा जनता को लोक परिवहन बस, साइकिल, ई-बाइक का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है।सिटी बसों के फेरों में होगी में बढ़ोतरी
खास बात ये है कि नो कार डे वाले दिन सिटी बसों के फेरे में बढ़ोतरी की गई है जिससे बसों में सफर करने वालों को परेशानी ना हो। इसके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भी इस अभियान में जोड़ा गया है। वह सभी इस अभियान के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।नो कार डे को लेकर हाई कोर्ट इंदौर बेंच भी सहमत
नो कार डे को लेकर महापौर ने आज मरिमाता चौराहा पर तख्ती लेकर खड़े वाहन चालकों को एक दिन कार को आराम देने का अनुरोध भी किया। बता दें नो कार डे के अभियान का समर्थन हाई कोर्ट इंदौर बेंच ने भी किया है। हाईकोर्ट ने पत्र जारी कर नो कार डे पर कार की जगह दो पहिया वाहन का प्रयोग करने के निर्देश भी दिए हैं।Read More: Uma Bharti ने महिला आरक्षण बिल के खिलाफ जताया विरोध, कल बुलायेंगी OBC नेताओं की बड़ी बैठक
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