वायरल संक्रमण हवा के माध्यम से आंखों तक पहुंच रहा है। जिसके कारण आई फ्लू हो रहा है। नेत्ररोग विशेषज्ञों की सलाह है कि इस मौसम में यदि कोई सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार से पीड़ित है तो उसके संपर्क में आने से बचें। क्योंकि उसके संपर्क में आने से आंखें भी बीमार हो सकती हैं।
पिंक आई इंफेक्शन (कंजक्टिवाइटिस) तेजी से फैल रहा है। आंखों में चुभन के साथ इसके लक्षण शुरू हो रहे हैं। 24 घंटे के अंदर पानी बहने से लेकर आंखें लाल होने तक की स्थिति बन रही है। इस समय सबसे अधिक समस्या स्कूली बच्चों में बनी हुई है। बच्चे पहले सर्दी, खांसी व जुकाम के शिकार बन रहे हैं। इनके संपर्क में आने वाले बच्चों को आंखों की समस्या हो रही है। जिसको लेकर अभिभावक चिंतित हैं। इस कारण वह अपने नौनिहालों को स्कूल पहुंचाने से भी अब कतरा रहे हैं। यही कारण है कि स्कूलों में करीब 20 फीसद बच्चों की उपस्थिति कम हुई है। वहीं जयारोग्य अस्पताल के डॉक्टर भी आई फ्लू के शिकार बन रहे हैं तो सर्जरी विभाग के काफी सारे मरीज आंख की बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज आई फ्लू के ही आ रहे हैं।
वायरल संक्रमण हवा के माध्यम से आंखों तक पहुंच रहा है। जिसके कारण आई फ्लू हो रहा है। नेत्ररोग विशेषज्ञों की सलाह है कि इस मौसम में यदि कोई सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार से पीड़ित है तो उसके संपर्क में आने से बचें। क्योंकि उसके संपर्क में आने से आंखें भी बीमार हो सकती हैं।
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