राजधानी भोपाल स्थित एम्स में थ्रीडी बायो प्रिंटर तकनीकी से शरीर के अंगों को हूबहू फिर से बनाया जाएगा। थ्रीडी बायो प्रिंटर की मदद चिकित्सक किसी भी अंग की नकल कर ठीक वैसे ही बना सकते हैं। एमपी में पहली बार एम्स भोपाल में इसकी शुरुआत की जा रही है। एम्स में 60 लाख रुपये से थ्रीडी बायो प्रिंटर मशीन की खरीदी की गई है। असली हाथ की तरह इसमें नसें व अन्य अंग भी बनाए जाते हैं। अभी ये प्रारंभिक चरण में है, इसलिए इसे प्रत्यारोपित नहीं किया जा सकता।
मध्यप्रदेश में पहली बार भोपाल स्थित एम्स में 60 लाख रुपये से थ्रीडी बायो प्रिंटर मशीन की खरीदी गई है, जिससे कृत्रिम अंग बनाए जाएंगे। साथ ही बीमारियों का पता भी लगाया जाएगा।
Comments (0)