आपके यहां शादी-ब्याह का आयोजन हो, गीत-संगीत के बीच आप पारिवारिक कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं और उसमें अचानक पटवारी, आरआई और अन्य राजस्व के कर्मचारी- अफसर पहुंच जाएं तो कैसा हो ? हां, जिले में ऐसा हो सकता है। खासतौर पर शहर के दूरस्थ अंचल व ग्रामीण क्षेत्रों में। राजस्व महाअभियान के तहत इ-केवायसी, नक्शा तरमीम यान बंटान व राजस्व खातों के खसरों को आधार से लिंक करने अब ऐसे ही आयोजनों की पड़ताल की जा रही है। यहां साम़ुहिक भोज में गांव व समाज के लोग उपस्थित होते हैं और उनके खातों को खसरे से लिंक कराने या इ-केवायसी कराना आसान होता है। साथ ही इसकी जानकारी और सुझाव तो दिया ही जा सकता है।
आपके यहां शादी-ब्याह का आयोजन हो, गीत-संगीत के बीच आप पारिवारिक कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं और उसमें अचानक पटवारी, आरआई और अन्य राजस्व के कर्मचारी- अफसर पहुंच जाएं तो कैसा हो ?
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