मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में देश का सातवां रीजनल पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 111 करोड़ रुपये होगी। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास शीघ्र ही किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अपने चार दिवसीय ग्वालियर संभाग दौरे के बाद दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में डाक विभाग के अंतर्गत छह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जो वड़ोदरा, सहारनपुर, मैसूर, गुवाहाटी, मदुरै और दरभंगा में स्थित हैं। इन केंद्रों में हर वर्ष लगभग 18,000 डाककर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। शिवपुरी में बनने वाला नया केंद्र देश का सातवां ऐसा प्रशिक्षण संस्थान होगा।
मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों को मिलेगा लाभ
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह रीजनल पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के डाककर्मियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इस केंद्र में एक समय में करीब 250 प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले सकेंगे और हर वर्ष लगभग 1,800 से अधिक कर्मियों को आधुनिक, डिजिटल और सेवा-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पानीपत युद्ध के बलिदानों को किया याद
मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने पानीपत के तृतीय युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह युद्ध 14 जनवरी 1761 को मकर संक्रांति के दिन लड़ा गया था, जिसमें मराठा सेना ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्होंने कहा कि एक लाख मराठा सैनिकों ने अहमद शाह अब्दाली और रोहिल्ला सेनाओं की विशाल फौज का सामना किया था।
सिंधिया ने कहा कि सिंधिया परिवार के 16 सदस्यों ने एक साथ देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने महाराज महादजी सिंधिया के संघर्ष और बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने दोबारा सेना खड़ी कर विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने यह भी बताया कि 10 फरवरी 1771 को महादजी सिंधिया ने लाल किले पर भगवा ध्वज फहराया था। केंद्रीय मंत्री ने अपने पूर्वजों और देश की एकता एवं अखंडता के लिए बलिदान देने वाले सभी वीरों को नमन किया।
भारत की प्रगति पर भरोसा
सिंधिया ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक शक्ति मिलकर “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ देश को वैश्विक मंच पर सशक्त बना रही है।
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