मध्य प्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी रुबीना फ्रांसिस और सीहोर के कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों को भारत के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार ‘अर्जुन अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और कलेक्टर प्रवीण सिंह ने इस बड़ी उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है। दोनों खिलाड़ियों की लगन, मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार को हासिल करने के काबिल बनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि हमारे अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगी।
दोनों खिलाड़ी पेरिस पैरालंपिक 2024 के मेडलिस्ट हैं
बता दें कि रुबीना जबलपुर की रहने वाली हैं और कई साल से एमपी शूटिंग एकेडमी भोपाल में ट्रेनिंग ले रही हैं। वहीं कपिल परमार सीहोर के रहने वाले हैं। दोनों खिलाड़ी पेरिस पैरालंपिक 2024 के मेडलिस्ट हैं। कपिल परमार ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में 5 सितंबर 2024 को मेंस के-60 किग्रा J1 वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी के साथ वे जूडो में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रुबिना ने 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। रुबिना एमपी की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पैरालंपिक में पदक हासिल किया है।
17 जनवरी को मिलेगा पुरस्कार
राष्ट्रपति पुरस्कार विजेताओं को 17 जनवरी 2025 सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। उल्लेखनीय है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद सरकार ने विभिन्न खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है। ‘खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार’ पिछले चार वर्षों की अवधि में अच्छे प्रदर्शन तथा नेतृत्व, खेल कौशल और अनुशासन की भावना दिखाने के लिए दिया जाता है।
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