दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने समाज और जीवनशैली पर एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कार अब जरूरत से ज्यादा एक स्टेटस सिंबल बन चुकी है, जिसके कारण प्रदूषण की समस्या और गंभीर होती जा रही है।
आज लोग साइकिल का इस्तेमाल लगभग छोड़ चुके हैं
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज लोग साइकिल जैसे पर्यावरण के अनुकूल साधनों का इस्तेमाल लगभग छोड़ चुके हैं और कार खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सोच पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रही है।
संपन्न वर्ग को कार के उपयोग में त्याग दिखाना चाहिए
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमीर और संपन्न वर्ग को कार के उपयोग में त्याग दिखाना चाहिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि यदि लोग महंगी और ज्यादा ईंधन खपत करने वाली गाड़ियों के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाएं, तो वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आम लोगों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा
CJI सूर्यकांत ने कहा कि केवल सरकारी नीतियों से ही प्रदूषण पर काबू नहीं पाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी अपनी आदतों और जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिया कि जब तक लोग व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक हवा को साफ करना संभव नहीं होगा।
आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग निजी वाहनों पर निर्भरता कम करें और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाएं, तो दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति में सुधार आ सकता है।
Comments (0)