भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन अवकाश पर चले गए हैं। उनके स्थान पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा को मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राज्य सरकार ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, अनुराग जैन के ससुर के निधन के कारण वे पांच दिनों के अवकाश पर रहेंगे। उनकी अनुपस्थिति में प्रदेश के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में से एक डॉ. राजेश राजौरा को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
एक साल के एक्सटेंशन पर हैं अनुराग जैन
अनुराग जैन मध्यप्रदेश के 35वें मुख्य सचिव हैं। इससे पहले वे केंद्र सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता के लिए उनकी पहचान रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की पसंद के चलते उन्हें मुख्य सचिव बनाया गया था। अगस्त 2025 में उनके कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार दिया गया था। अब वे अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होंगे। 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन ने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक (ऑनर्स) किया है। आईएएस बनने के बाद उनकी पहली नियुक्ति 6 जून 1990 को सागर में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वे मंडला, मंदसौर और भोपाल में कलेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
कौन हैं डॉ. राजेश राजौरा
अनुराग जैन के अवकाश पर जाने के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नीमच के निवासी डॉ. राजौरा पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं। वे राज्य शासन में कृषि, गृह, उद्योग, उद्यानिकी और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। प्रशासनिक सेवा में उन्होंने झाबुआ में एडिशनल कलेक्टर के रूप में कार्य किया, जबकि धार, बालाघाट, उज्जैन और इंदौर के कलेक्टर भी रह चुके हैं। गौरतलब है कि जब अनुराग जैन को मध्यप्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था, उस समय 1990 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश राजौरा के नाम पर भी विचार किया गया था।
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