नई दिल्ली - साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और इसका समापन देर रात 1 बजकर 28 मिनट पर होगा। यह ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
कर्क राशि में बनेगा चतुर्ग्रही योग
ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के समय कर्क राशि में चतुर्ग्रही योग बनने की स्थिति रहेगी। इस दौरान सूर्य के साथ चंद्रमा, बुध और गुरु की स्थिति कर्क राशि में बताई जा रही है। खास बात यह है कि गुरु कर्क राशि में उच्च के माने जाते हैं। इसी ग्रह स्थिति के आधार पर ज्योतिष में कुछ राशियों के लिए ग्रहण को सकारात्मक बताया जा रहा है।
मेष राशि वालों को मिल सकता है आर्थिक लाभ
मेष राशि के जातकों के लिए यह सूर्य ग्रहण शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी और कार्यक्षेत्र में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलने से आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है।
मिथुन राशि की आर्थिक स्थिति में सुधार
मिथुन राशि के जातकों के लिए भी ग्रहण का प्रभाव सकारात्मक रहने की बात कही जा रही है। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है। साथ ही महत्वपूर्ण फैसले लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है और कामकाज में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
तुला राशि के करियर में आ सकता है बदलाव
तुला राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण को करियर के लिहाज से खास माना जा रहा है। चतुर्ग्रही योग और गुरु की स्थिति के कारण नौकरी में नए अवसर मिलने की संभावना बताई गई है। कार्यस्थल पर कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे मजबूती आने के संकेत ज्योतिषीय गणनाओं में बताए जा रहे हैं।
भारत में दिखाई नहीं देगा सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने की बात कही जा रही है। ऐसे में यहां ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा या नहीं, इसे लेकर धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग मत हो सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है।
नोट: राशियों पर ग्रहण के शुभ-अशुभ प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक भविष्यवाणी या निश्चित परिणाम के रूप में नहीं लेना चाहिए।