भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया में हुई मैराथन में उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारत ने इस स्पर्धा में 44 साल बाद एशियन गेम्स पदक जीता है।
सावन का यह प्रदर्शन उनके लिए व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ-साथ नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना। उन्होंने अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन में 2:11:58 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, जिसे अब अपने ही प्रदर्शन से बेहतर कर दिया है।
जापान के इचिटाका यामाशिता ने जीता गोल्ड
मैराथन में जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सावन बरवाल दूसरे स्थान पर रहे। घरेलू दर्शकों के सामने दौड़ रहे यामाशिता ने शुरुआती बढ़त बनाए रखी और अंत में स्वर्ण पदक हासिल किया।
44 साल बाद भारत को मिला मैराथन पदक
एशियन गेम्स में भारत ने पुरुष मैराथन का पिछला पदक 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में जीता था। उस स्पर्धा में होसुर कुक्कप्पा सीतारन ने कांस्य पदक हासिल किया था। अब सावन बरवाल ने रजत जीतकर चार दशक से ज्यादा लंबे अंतराल के बाद भारत को इस स्पर्धा में फिर पोडियम पर पहुंचाया है।एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन में भारत के पदकों का रिकॉर्ड अब इस प्रकार है:
वर्ष खिलाड़ी पदक
1951 छोटा सिंह स्वर्ण
1951 सुरत सिंह माथुर कांस्य
1982 होसुर कुक्कप्पा सीतारन कांस्य
2026 सावन बरवाल रजत
दूसरी मैराथन में ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड
सावन बरवाल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनके करियर की सिर्फ दूसरी प्रतिस्पर्धी मैराथन थी। इससे पहले अप्रैल में रॉटरडैम में उन्होंने 2:11:58 का समय निकालकर शिवनाथ सिंह के 1978 से चले आ रहे 2:12:00 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था।अब एशियन गेम्स में 2:11:37 का समय निकालकर उन्होंने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को और बेहतर कर दिया है।