भोपाल | मध्य प्रदेश में आज यानी 26 सितंबर से ‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान की शुरुआत हो रही है। यह अभियान 5 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। इसके तहत राज्य के 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का मुख्य फोकस सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनभागीदारी पर रहेगा। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों और माताओं से सीधे संवाद किया जाएगा। साथ ही हितग्राहियों को योजनाओं से मिले लाभ और उनकी सफलता की कहानियां भी साझा की जाएंगी।
माताओं और बच्चों से होगा सीधा संवाद
‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर माताओं और बच्चों के साथ संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य उनकी जरूरतों और अनुभवों को समझना तथा आंगनवाड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। अभियान के दौरान पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों पर होंगे कार्यक्रम
प्रदेश के सभी 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों को अभियान से जोड़ा गया है। अलग-अलग केंद्रों पर स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।
हितग्राहियों की सफलता की कहानियों को भी सामने लाया जाएगा, ताकि आंगनवाड़ी सेवाओं के प्रभाव और उनसे मिलने वाले लाभों को लोगों तक पहुंचाया जा सके।
सेवा और संवाद का प्रभावी केंद्र बनाने का लक्ष्य
‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल सेवाएं उपलब्ध कराने वाली जगह के बजाय सेवा, संवाद और जनभागीदारी के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करना है।
26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के जरिए आंगनवाड़ी व्यवस्था से जुड़े परिवारों और समुदाय के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर फोकस किया जाएगा।