देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचे। उन्हें 2016 से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ED की ओर से नोटिस मिलने के बाद रावत को शनिवार को जांच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ा।
गले में मां की तस्वीर लेकर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री
हरीश रावत जब ED कार्यालय पहुंचे तो उनके गले में उनकी दिवंगत मां की तस्वीर थी। यह तस्वीर लेकर पहुंचने को उनके हालिया सार्वजनिक बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले रावत अपनी मां की सौगंध लेते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुके हैं और कह चुके हैं कि उन्होंने नौकरी या राजनीतिक पद दिलाने के बदले कभी किसी से पैसे नहीं लिए।
परिवार की संपत्ति और पुराने ITR से जुड़े दस्तावेज मांगे
ED के दफ्तर पहुंचने के बाद हरीश रावत ने बताया कि जांच एजेंसी ने उनसे परिवार की संपत्ति, पुराने आयकर रिटर्न (ITR) और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। पूछताछ में इन दस्तावेजों से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली जा सकती है।
किस मामले में चल रही है जांच?
यह मामला 2016 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ED ने इसी मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सितंबर में कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। जांच के दायरे में हरीश रावत के पूर्व OSD और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसर भी शामिल थे।
चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ED की कार्रवाई
ED के मुताबिक, चंदन सिंह जीना के ठिकाने से नकदी, सोने के सामान और लग्जरी घड़ियां बरामद की गई थीं। एजेंसी ने उनके और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये की राशि को फ्रीज करने की बात भी कही थी। जांच एजेंसी ने मोबाइल फोन को भी जब्त किया था, जिसकी फोरेंसिक जांच की जानी है।
हरीश रावत ने पहले भी दी थी सफाई
ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर कई बार अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा था कि उन्होंने किसी को नौकरी देने के बदले पैसे लेना तो दूर, चाय-पानी तक नहीं लिया। रावत ने यह भी कहा था कि वह अपने ऊपर लगे कलंक को दूर करने के लिए संघर्ष करेंगे।
जांच में किन पहलुओं पर नजर?
ED की जांच में 2016 की VPDO परीक्षा में कथित OMR शीट से छेड़छाड़, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और उससे जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, जांच उत्तराखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो की FIRs से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर आधारित है। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।