नोएडा - ग्रेटर नोएडा में आयोजित UP International Trade Show 2026 के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे रक्षा विनिर्माण क्षेत्र का उल्लेख किया। 25 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य में तैयार हो रहे रक्षा उपकरण उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विस्तार और देश की रक्षा उत्पादन क्षमता में हो रहे बदलाव को दर्शाते हैं।
ब्रह्मोस और AK-203 का किया जिक्र
अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में तैयार हो रही ब्रह्मोस मिसाइलों और अमेठी में निर्मित AK-203 राइफलों का खास तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूपी में तैयार होने वाली ब्रह्मोस मिसाइलों को लेकर पाकिस्तान में चिंता है, जबकि अमेठी में बनने वाली AK-203 राइफलें नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण हैं।
शाह ने इन रक्षा परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश में बढ़ती विनिर्माण क्षमता का उदाहरण बताया। लखनऊ में ब्रह्मोस के असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग से जुड़ी सुविधा भी उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है। यहां तैयार किए गए ब्रह्मोस के पहले बैच को अक्टूबर 2025 में रवाना किया गया था।
डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड्स पर जोर
गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में हो रहे निवेश का भी जिक्र किया। इस कॉरिडोर में झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर छह प्रमुख नोड्स शामिल हैं। उनके मुताबिक इन सभी क्षेत्रों में रक्षा उत्पादन से संबंधित परियोजनाओं और निवेश की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। इस कॉरिडोर का उद्देश्य राज्य में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए औद्योगिक आधार तैयार करना और निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना है।
FTA और निर्यात क्षमता का भी उल्लेख
अमित शाह ने अपने भाषण में भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक बाजार में पहुंच के अवसर बढ़ा रहे हैं। UP International Trade Show को भी राज्य के उत्पादों और उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने वाले मंच के तौर पर पेश किया गया है। यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हो रहा है।
भारत की आर्थिक वृद्धि पर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने वैश्विक स्तर पर मौजूद आर्थिक और अन्य चुनौतियों के बीच भारत की विकास दर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी वृद्धि की गति बनाए रखी है। सार्वजनिक प्रसारक की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर का उल्लेख करते हुए देश की आर्थिक स्थिति पर बात की।
उन्होंने भारत की औद्योगिक प्रगति को रक्षा उत्पादन, निर्यात और निवेश में हो रहे विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ती विनिर्माण गतिविधियां इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा हैं।