नई दिल्ली - दिल्ली के सर्राफा बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोने की कीमत में मामूली बढ़त दर्ज की गई। लगातार चार कारोबारी सत्रों तक गिरावट के बाद शुक्रवार को सोने के भाव में 200 रुपये प्रति 10 ग्राम का सुधार हुआ। इसके साथ ही दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना बढ़कर 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, शुक्रवार की तेजी के बावजूद पूरे सप्ताह के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सोने की कीमत में करीब 4,000 रुपये की गिरावट रही। यानी साप्ताहिक आधार पर सोने का भाव लगभग 2.5 प्रतिशत नीचे आया है।

चार दिन की गिरावट के बाद मिली राहत
बाजार कारोबारियों के मुताबिक, सोने की कीमतों में शुक्रवार को आई तेजी के पीछे निचले स्तर पर हुई खरीदारी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। लगातार कई सत्रों की गिरावट के बाद कुछ खरीदारों ने कम कीमत का फायदा उठाते हुए बाजार में खरीदारी बढ़ाई, जिससे सोने के भाव को सहारा मिला। हालांकि, शुक्रवार की तेजी को फिलहाल बड़ी तेजी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सप्ताह के दौरान सोने में आई कुल गिरावट की तुलना में आखिरी दिन की बढ़त काफी सीमित रही।

चांदी के भाव में नहीं हुआ बदलाव
सोने के विपरीत शुक्रवार को चांदी की कीमत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर स्थिर रही। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर चांदी का प्रदर्शन भी कमजोर रहा। पूरे सप्ताह में चांदी की कीमत करीब 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम घट गई। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो इसमें लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़त
घरेलू बाजार के साथ-साथ शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में हुई बढ़त का असर घरेलू बाजार की धारणा पर भी पड़ा। सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक बाजार के रुझान, निवेशकों की खरीदारी, डॉलर की चाल और आर्थिक परिस्थितियों जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा भी महत्वपूर्ण रहेगी।
निवेशकों की नजर अब अगले सप्ताह पर
शुक्रवार को सोने में आई मामूली तेजी से लगातार गिरावट का सिलसिला जरूर थमा है, लेकिन पूरे सप्ताह के आंकड़े अभी भी कमजोर रहे। चांदी के मामले में भी साप्ताहिक गिरावट करीब 4 प्रतिशत रही। अब बाजार की नजर अगले सप्ताह की शुरुआत पर रहेगी। निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों के लिए यह देखना अहम होगा कि निचले स्तर पर खरीदारी आगे भी जारी रहती है या वैश्विक बाजार के दबाव में कीमती धातुओं की कीमतों में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।