मुंबई, 26 सितंबर 2026। महाराष्ट्र सरकार ने बारिश की कमी और सूखे के निर्धारित मानकों के आधार पर राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित कर राहत उपाय लागू करने का निर्णय लिया है। खरीफ सीजन 2026 के मूल्यांकन में इन तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं। राज्य सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राहत एवं पुनर्वास विभाग ने संबंधित शासन निर्णय जारी कर दिया है। इसके तहत किसानों, खेतिहर मजदूरों, विद्यार्थियों और प्रभावित ग्रामीण परिवारों के लिए विभिन्न रियायतों की व्यवस्था की गई है। प्रकाशित रिपोर्टों में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 358 तालुकों में से 265 इस निर्णय के दायरे में हैं। यह कुल तालुकों का लगभग 74 प्रतिशत, यानी करीब तीन-चौथाई हिस्सा है। यह अनुपात तालुकों की संख्या का है, पूरे राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का नहीं।
‘ट्रिगर-1’ के आधार पर लागू किए गए राहत उपाय
सूखा प्रबंधन संहिता, 2016 के तहत खरीफ सीजन की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। कृषि आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश की कमी और संबंधित मानकों के आधार पर 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ लागू हुआ है। इसी आधार पर इन क्षेत्रों में राहत संबंधी रियायतें देने और आगे फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
भूमि राजस्व में छूट, कृषि कर्ज की वसूली पर रोक
प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को भूमि राजस्व में छूट दी जाएगी। इसके साथ फसल ऋण के पुनर्गठन और खेती से जुड़े कर्ज की वसूली स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इन उपायों के माध्यम से सूखे से प्रभावित किसानों को तत्काल भुगतान के दबाव से राहत देने की व्यवस्था की गई है। यहां कर्ज पुनर्गठन, वसूली पर रोक और कर्जमाफी अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। मौजूदा राहत में कृषि कर्ज की वसूली स्थगित करने तथा पुनर्गठन का उल्लेख है; इसे सभी किसानों का पूरा कर्ज स्वतः समाप्त होने की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत, कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे
घोषित उपायों में कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में छूट भी शामिल है। प्रकाशित विवरण के मुताबिक, 7.5 हॉर्स पावर तक के कृषि पंपों को पहले से उपलब्ध बिजली बिल राहत के अलावा अधिक क्षमता वाले पंपों के लिए भी रियायत दी जाएगी। साथ ही, जिन गांवों में पानी की कमी घोषित की गई है, वहां किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे।
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट
सूखे से प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों के लिए स्कूल और कॉलेज की परीक्षा फीस में छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार की घोषणा परीक्षा शुल्क से संबंधित है; इसे सभी प्रकार की शैक्षणिक फीस पूरी तरह माफ होने की घोषणा नहीं समझना चाहिए। ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराने के लिए रोजगार गारंटी योजना के कामों से जुड़े मानकों में आवश्यक ढील देकर अधिक काम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को भी बढ़ाया जाएगा।
जरूरत वाले गांवों में टैंकर, पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था
प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। खेती पर निर्भर किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी राहत उपायों में शामिल है। प्रशासन को लोगों और पशुओं के लिए पानी की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संरक्षण के कामों से रोजगार बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल संरक्षण के कामों पर ध्यान देने की बात कही है। इनमें सूख चुके जलाशयों से गाद निकालना और जल संरक्षण संरचनाओं की मरम्मत या निर्माण जैसे काम शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन गतिविधियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
फसल नुकसान का पंचनामा, तस्वीरें और जीपीएस से जुटाया जाएगा रिकॉर्ड
संबंधित जिलाधिकारियों को फसल नुकसान के पंचनामे की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षण के दौरान फसलों की स्थिति दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस लोकेशन संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके आधार पर तैयार रिपोर्ट कृषि आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
फसल नुकसान के मुआवजे के लिए आएगा अलग आदेश
सूखा राहत की रियायतें और फसल नुकसान की नकद सहायता अलग हैं। सरकारी सूचना के अनुसार, फसलों के नुकसान के लिए आर्थिक सहायता निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग शासन निर्णय के माध्यम से घोषित की जाएगी। इसलिए मौजूदा फैसले को प्रत्येक किसान के लिए निश्चित मुआवजा राशि स्वीकृत होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
वाशिम दौरे में कर्जमाफी से छूटे किसानों को लाभ देने का आश्वासन
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने 24 सितंबर को वाशिम जिले के सूखा प्रभावित गांवों का दौरा किया था। इस दौरान किसानों ने फसल नुकसान, पानी की कमी और कर्ज से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कर्जमाफी की सूची में लाभ से वंचित रह गए किसानों को भी संबंधित योजना का लाभ दिया जाएगा। फडणवीस ने यह भी कहा था कि राज्य सरकार राहत देने के लिए केंद्र की वित्तीय सहायता का इंतजार नहीं करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए पानी, चारे, खाद्यान्न और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों पर काम करने की बात कही थी।