इंफाल | केंद्र सरकार ने मणिपुर के अधिकांश हिस्से को अगले छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ (Disturbed Area) घोषित किया है। गृह मंत्रालय के ताजा आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों को इस घोषणा से बाहर रखा गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। गृह मंत्रालय ने यह कदम कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद उठाया है। ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित होने के बाद संबंधित इलाकों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम यानी AFSPA लागू रहता है।
6 महीने के लिए लागू रहेगा आदेश
गृह मंत्रालय के अनुसार मणिपुर के अधिकांश हिस्सों में AFSPA की अवधि अगले छह महीने के लिए बढ़ाई गई है। हालांकि, 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी।
AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित इलाकों में सशस्त्र बलों को कानून में निर्धारित विशेष अधिकार मिलते हैं। गृह मंत्रालय अपनी वेबसाइट पर मणिपुर में ‘Disturbed Area’ से संबंधित मौजूदा अधिसूचनाएं उपलब्ध कराता है।
कमजोंग में चार नगा लोगों की हत्या
इसी बीच मणिपुर के कमजोंग जिले में चार नगा ग्रामीणों की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को चार लोगों के शव बरामद हुए, जिनके बारे में कथित तौर पर गोली मारकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। यह घटना राज्य में जारी सुरक्षा चुनौतियों के बीच सामने आई है। हाल के महीनों में मणिपुर के कुछ इलाकों में अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं।
मई 2023 से जारी है हिंसा
मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से राज्य लंबे समय से जातीय तनाव का सामना कर रहा है। हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और विस्थापन भी हुआ है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार समय-समय पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ की अवधि बढ़ाती रही है। ताजा फैसला भी कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद लिया गया है।