नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026 | देश के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को मानसूनी बारिश जारी रहेगी। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण-गोवा, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। यह चेतावनी 12 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 13 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी है।
आज कहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश?
| चेतावनी की श्रेणी | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|
| भारी से बहुत भारी बारिश | पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा |
| भारी बारिश | अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण-गोवा, पूर्वोत्तर के चार राज्य, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान |
| 40–50 किमी/घंटा की तेज हवा | आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल |
| 50–60 किमी/घंटा का थंडरस्क्वॉल | अंडमान-निकोबार द्वीप समूह |
यह चेतावनी संबंधित मौसम उपखंडों में अलग-अलग स्थानों के लिए है। इसका अर्थ पूरे राज्य में एक जैसी मूसलाधार बारिश होना नहीं है।
पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश
पूर्वी राजस्थान में बुधवार को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। पश्चिमी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 13 और 14 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारी बारिश से निचले इलाकों, छोटी नदियों, बरसाती नालों और अंडरपास में पानी भर सकता है। वाहन चालकों को पानी से ढकी सड़क या पुलिया पार करने से बचना चाहिए।
ओडिशा में आज और कल बहुत भारी बारिश
ओडिशा में 12 और 13 अगस्त को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है। इसके बाद 18 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर बना रह सकता है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी बुधवार को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे स्थानीय जलभराव, यातायात और नदी-नालों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है।
मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी, गुजरात-कोंकण में भारी बारिश
मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश संभव है। कोंकण-गोवा और गुजरात क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। तटीय और घाट क्षेत्रों में कम समय में तेज वर्षा से जलभराव और ढलानों पर मलबा खिसकने का खतरा बढ़ सकता है। सौराष्ट्र-कच्छ को बुधवार की भारी बारिश वाली राष्ट्रीय सूची में शामिल नहीं किया गया है, हालांकि वहां स्थानीय बादल, गरज-चमक या छिटपुट बारिश हो सकती है।
दिल्ली में आज भारी बारिश का अलर्ट नहीं
दिल्ली-NCR में बुधवार को सामान्यतः बादल छाए रह सकते हैं। IMD के शहर-स्तरीय पूर्वानुमान में दोपहर से शाम के बीच बहुत हल्की बारिश का एक दौर संभावित बताया गया है। हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली उपखंड के लिए 12 और 13 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
मौजूदा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री और न्यूनतम करीब 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 13 से 17 अगस्त के बीच भी बादल और हल्की बारिश या स्थानीय बौछारों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली के लिए जरूरी तथ्य-सुधार
दिल्ली में आज हल्की से मध्यम व्यापक बारिश या भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। अधिक सटीक पूर्वानुमान बादल और बहुत हल्की से हल्की स्थानीय बारिश का है। भारी बारिश की क्षेत्रीय चेतावनी 14 अगस्त से दोबारा बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में आज भारी बारिश की चेतावनी नहीं
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 12 अगस्त को भारी बारिश की उपखंड-स्तरीय चेतावनी नहीं है। कुछ इलाकों में स्थानीय बादल और हल्की से मध्यम बारिश संभव है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 अगस्त से, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त से भारी बारिश की संभावना बढ़ सकती है। जिलेवार अल्पकालिक नाउकास्ट दिन में अलग से जारी हो सकता है।
बिहार में भी आज व्यापक भारी बारिश का अलर्ट नहीं
बिहार के लिए बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश की कोई राज्यव्यापी चेतावनी नहीं है। 14 अगस्त से राज्य में कहीं-कहीं भारी वर्षा का दौर शुरू होने का अनुमान है। स्थानीय स्तर पर बादल, हल्की बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं। इसलिए बिहार के उत्तरी और पूर्वी जिलों में आज भारी बारिश तय होने का दावा जिलेवार नाउकास्ट के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
झारखंड में बारिश से ज्यादा तेज हवा और बिजली का खतरा
झारखंड के लिए 12 अगस्त को भारी बारिश की उपखंड-स्तरीय चेतावनी नहीं है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवा चल सकती है। झारखंड में 13 से 15 अगस्त के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्सा अलर्ट पर
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज भारी बारिश का अलग अलर्ट नहीं है, लेकिन बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ स्थानीय वर्षा हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर बढ़ने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बिजली की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। बारिश का यह दौर 14 अगस्त तक बना रह सकता है। खेतों और निचली बस्तियों में पानी जमा होने तथा बिजली गिरने का खतरा रहेगा। किसानों को गरज-चमक के दौरान खुले खेत में काम करने और खाद या कीटनाशक का छिड़काव करने से बचना चाहिए।
हिमाचल में भारी बारिश, 14 अगस्त को बढ़ेगी तीव्रता
हिमाचल प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। 14 अगस्त को यह चेतावनी बढ़कर बहुत भारी बारिश तक पहुंच सकती है। इसके बाद भी 18 अगस्त तक भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में 12 अगस्त शाम 5:30 बजे तक कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश और अचानक बाढ़ का खतरा
उत्तराखंड में बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश तथा गरज-चमक का अलर्ट है। 14 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 अगस्त तक कहीं-कहीं भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
बागेश्वर, चमोली, देहरादून, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी के कुछ क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम है। पूरी तरह भीगी मिट्टी वाले इलाकों में सतही बहाव, स्थानीय जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 अगस्त तक अलर्ट
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 12 से 18 अगस्त तक प्रतिदिन कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी जारी है। डोडा, कठुआ, उधमपुर और लेह के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम बताया गया है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और अचानक रास्ता बंद होने की आशंका के कारण गैर-जरूरी यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश जारी
अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में बुधवार को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 15 से 17 अगस्त के बीच अरुणाचल और असम-मेघालय में बारिश की तीव्रता बढ़कर बहुत भारी हो सकती है।
पहले से जलभराव या बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में नई बारिश राहत एवं बचाव कार्यों पर दबाव बढ़ा सकती है।
दक्षिण भारत में तेज हवा के साथ बारिश
आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में गरज-चमक के साथ हवा की गति 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ बारिश संभव है। अंडमान-निकोबार में थंडरस्क्वॉल की गति 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
समुद्र में जाने वालों के लिए चेतावनी
अरब सागर में सोमालिया और ओमान तट, पश्चिम-मध्य अरब सागर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45–55 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है। झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बंगाल की खाड़ी में दक्षिण श्रीलंका तट, कोमोरिन क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के पास भी समुद्र अशांत रह सकता है। तटीय चेतावनी वाले क्षेत्रों में मछुआरों और छोटी नौकाओं को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
बारिश के पीछे कौन-से मौसम सिस्टम सक्रिय?
पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। मानसूनी द्रोणिका बीकानेर से इस कम दबाव क्षेत्र, सीधी, जमशेदपुर और कोंटाई होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास नया कम दबाव क्षेत्र विकसित होने की संभावना जताई गई है। यही सिस्टम पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ा सकते हैं।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- जलमग्न सड़क, अंडरपास और उफनती पुलिया पार न करें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में रात की गैर-जरूरी यात्रा टालें।
- आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
- नदी-नालों के किनारे वाहन खड़ा न करें।
- किसान खेतों में जल निकासी बनाए रखें।
- मौसम खराब होने पर बिजली के उपकरण बंद कर प्लग निकाल दें।
- मछुआरे ताजा समुद्री चेतावनी देखकर ही निकलें।
- जिलेवार नाउकास्ट का जारी और समाप्त होने का समय जरूर जांचें।