मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम में आए इस बदलाव की बड़ी वजह प्रदेश के आसपास सक्रिय तीन मानसूनी सिस्टम हैं, जिनके चलते अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी पहुंच रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में कुछ इलाकों में करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। राजधानी भोपाल में लगातार तीसरे दिन बारिश का असर देखने को मिल रहा है। बारिश के चलते बुधवार को भी स्कूलों में छुट्टी रखी गई है। शहर में पिछले दो दिनों में 8.57 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं राजगढ़ के ब्यावरा में 9.02 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। लगातार बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
MP के 11 जिलों में आज यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 11 जिलों में आज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर मौसम के अचानक खराब होने की संभावना है। लगातार सक्रिय सिस्टम के कारण प्रदेश में अगले 24 घंटे मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भोपाल समेत कई जिलों में बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद सड़कें और निचले इलाके प्रभावित हुए हैं। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
UP में 28 जिलों में बारिश, 16 जिलों में बाढ़ का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मानसून का असर तेज बना हुआ है। प्रदेश के 28 जिलों में बारिश और 16 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में बहने वाली नदियों पर दिखाई दे रहा है। यूपी की करीब 10 नदियां उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। पिछले आठ दिनों में 31 मकान गंगा में समा चुके हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
वाराणसी में डूबने लगीं घाटों की सीढ़ियां
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। काशी के सभी 84 घाटों को आपस में जोड़ने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बिहार में आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही
बिहार में बारिश के साथ आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई है। बांका में बिजली गिरने से तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत आठ लोग झुलस गए। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में मातम का माहौल है। नवादा में भी बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है। बारिश और वज्रपात के बीच खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मेघालय में फुटबॉल खेल रहे लोगों पर गिरी बिजली
मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स जिले में भी आकाशीय बिजली की घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के समय लोग फुटबॉल खेल रहे थे। अचानक मौसम खराब होने के दौरान बिजली गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। आज भोजपुर, बक्सर, अरवल समेत 18 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। हालांकि पटना और आसपास के इलाकों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।
कई राज्यों में मौसम का असर
मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने तथा नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है।